आयुष्मान में गड़बड़ी पर अरविन्द शाह का शिकंजा—83 अस्पतालों पर कार्रवाई, 18 ब्लैकलिस्ट
बिना जरूरत ICU में भर्ती, पैकेज का दुरुपयोग और बेड की संख्या में गड़बड़ी उजागर; 15 अस्पताल सस्पेंड, 50 पर ₹3.13 करोड़ से अधिक का जुर्माना
भोपाल
भोपाल। आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज में अनियमितता करने वाले अस्पतालों पर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। आयुष्मान निरामय योजना के सीईओ अरविन्द शाह के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में प्रदेश के 83 अस्पतालों को अलग-अलग स्तर पर दंडित किया गया है। इनमें बार-बार चेतावनी के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं करने वाले 15 अस्पतालों को योजना से सस्पेंड, जबकि 18 अस्पतालों का डी-एम्पैनलमेंट (ब्लैकलिस्ट) किया गया है। वहीं 50 अस्पतालों पर आर्थिक दंड लगाया गया है।
इन अस्पतालों पर कुल 3 करोड़ 13 लाख 79 हजार 311 रुपए की पेनल्टी लगाई गई है। अकेले भोपाल के 25 अस्पताल कार्रवाई के दायरे में आए हैं। इनमें 4 अस्पतालों का डी-एम्पैनलमेंट, 8 का सस्पेंशन और 13 अस्पतालों पर आर्थिक दंड लगाया गया है। भोपाल के इन अस्पतालों पर कुल 2 करोड़ 11 लाख 91 हजार 492 रुपए की पेनल्टी हुई है।
डेस्कटॉप ऑडिट में खुली व्यवस्थाओं की गड़बड़ी
स्टेट हेल्थ एजेंसी ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत ‘जीरो टॉलरेंस टू फ्रॉड एंड एब्यूज फ्रेमवर्क’ लागू किया है। इसी के तहत अस्पतालों द्वारा किए गए क्लेम और उपलब्ध रिकॉर्ड का डेस्कटॉप ऑडिट किया गया। जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
ऑडिट में बिना जरूरत मरीजों को ICU में भर्ती करने, आयुष्मान पैकेज का दुरुपयोग करने और योजना के नियमों का उल्लंघन करने के मामले सामने आए। इसके अलावा अस्पतालों के रिकॉर्ड में दर्ज बेड और मौके पर उपलब्ध बेड की संख्या में भी अंतर पाया गया। कुछ अस्पतालों में निर्धारित संख्या की तुलना में करीब 30 प्रतिशत तक कम बेड मिले।
सिद्धांता अस्पताल की संबद्धता अस्थाई निलंबित
जांच की कार्रवाई के दौरान सिद्धांता सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की आयुष्मान योजना से संबद्धता भी अस्थाई रूप से निलंबित कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार अस्पतालों को पहले नोटिस और सुधार का अवसर दिया जा रहा है, लेकिन बार-बार चेतावनी के बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।
दो अस्पतालों पर FIR भी
आयुष्मान निरामय योजना के सीईओ अरविन्द शाह ने स्पष्ट किया है कि योजना में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी और अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब तक दो अस्पतालों के खिलाफ FIR भी दर्ज कराई गई है। विभाग की ओर से संकेत दिए गए हैं कि ऑडिट और कार्रवाई का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
“बार-बार नोटिस के बाद जो अस्पताल सुधार नहीं कर रहे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। दो अस्पतालों पर एफआईआर भी कराई गई है। यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।”
— अरविन्द शाह, सीईओ, आयुष्मान निरामय योजना, मध्यप्रदेश










