मूक पशुओं की मौत का इंतज़ार? सेवा भारती के पास कचरे का अंबार, ज़ोन-2 के CSI संतोष गौर और SI अभिषेक मिश्रा पर उठे सवाल
जबलपुर। नगर निगम के ज़ोन क्रमांक-2 में स्वच्छता व्यवस्था की लापरवाही अब केवल गंदगी तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि मूक पशुओं के जीवन पर भी संकट बनती जा रही है। पतापदीपुरम क्षेत्र में सेवा भारती के पास खुले में पड़े कचरे के ढेर और उसमें मिली पॉलीथिन खाकर गाय एवं अन्य मूक पशु अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। यह दृश्य नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
क्षेत्र में लंबे समय से कचरा खुले में पड़ा हुआ है। समय पर कचरा न उठाए जाने के कारण पशु उसी ढेर में भोजन तलाशते हैं और भोजन के साथ जहरीली पॉलीथिन भी निगल जाते हैं। पशु चिकित्सकों के अनुसार पॉलीथिन खाने से पशुओं की तबीयत गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है और कई मामलों में उनकी मृत्यु तक हो जाती है।
हैरानी की बात यह है कि ज़ोन-2 के CSI संतोष गौर और SI अभिषेक मिश्रा की निगाहें इस क्षेत्र तक नहीं पहुंच रही हैं। यदि नियमित निरीक्षण होता, तो कचरे के ऐसे ढेर दिनों तक खुले में नहीं पड़े रहते। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
स्वच्छता अभियान के बड़े-बड़े दावे करने वाला नगर निगम आखिर इस प्रश्न का उत्तर दे कि क्या मूक पशुओं का जीवन किसी की जिम्मेदारी नहीं है? क्या जिम्मेदार अधिकारी केवल कार्यालयों तक सीमित रहेंगे या जमीनी हालात भी देखेंगे?
नगर निगम आयुक्त से मांग है कि इस पूरे मामले की तत्काल जांच कराई जाए, कचरे का नियमित उठाव सुनिश्चित किया जाए, संबंधित क्षेत्र की विशेष सफाई कराई जाए तथा यदि लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए उचित प्रशासनिक कार्रवाई की जाए। स्वच्छ शहर का दावा तभी सार्थक होगा, जब सड़कों पर फैली गंदगी और उससे मूक पशुओं पर मंडरा रहा खतरा वास्तव में समाप्त होगा।










