जीरो डिग्री को कचरे का अड्डा बना रहे जिम्मेदार! ज़ोन-2 के CSI संतोष गौर और SI अभिषेक मिश्रा की उदासीनता पर सवाल
जबलपुर। नगर निगम के ज़ोन क्रमांक-2 अंतर्गत आने वाला जीरो डिग्री क्षेत्र इन दिनों बदहाल स्थिति का शिकार है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह इलाका मानो स्वच्छता विभाग की प्राथमिकता से बाहर कर दिया गया है। जगह-जगह फैला कचरा, उफनती नालियां, झाड़ियों में तब्दील खाली स्थान और मच्छरों का बढ़ता प्रकोप लोगों के लिए गंभीर परेशानी बन चुका है।
सबसे अधिक चिंता का विषय यह है कि JDA भवन के चारों ओर जंगल जैसी स्थिति बन गई है। झाड़ियां इतनी बढ़ चुकी हैं कि वहां गंदगी और मच्छरों का स्थायी ठिकाना बन गया है। बरसात के मौसम में यह लापरवाही किसी बड़े स्वास्थ्य संकट को जन्म दे सकती है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि CSI संतोष गौर और स्वच्छता निरीक्षक अभिषेक मिश्रा इस क्षेत्र की ओर देखने तक को तैयार नहीं हैं। ऐसा प्रतीत होता है मानो उन्होंने जीरो डिग्री क्षेत्र को अपने दायित्व से बाहर मान लिया हो, जबकि यह क्षेत्र नगर निगम के ज़ोन क्रमांक-2 का ही हिस्सा है। यदि पूरे ज़ोन की स्वच्छता की जिम्मेदारी इन्हीं अधिकारियों की है, तो फिर जीरो डिग्री को उपेक्षा का शिकार क्यों बनाया जा रहा है?
प्रश्न यह भी है कि क्या नगर निगम की स्वच्छता केवल मुख्य सड़कों तक सीमित है? क्या जीरो डिग्री में रहने वाले नागरिक स्वच्छ वातावरण में जीने का अधिकार नहीं रखते? जब अधिकारी क्षेत्र का नियमित निरीक्षण ही नहीं करेंगे, तो जमीनी हकीकत सामने कैसे आएगी?
नगर निगम प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को चाहिए कि इस क्षेत्र का तत्काल निरीक्षण कराकर सफाई, नालियों की सफाई, झाड़ियों की कटाई और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करे। अन्यथा यह लापरवाही भविष्य में किसी संक्रामक बीमारी का कारण बन सकती है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों से टाली नहीं जा सकेगी।










