नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ का शुभारंभ, 15 दिनों तक चलेगा जन-जागरूकता अभियान

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आईजी, डीआईजी, कलेक्टर और एसपी ने दिलाई नशामुक्त समाज निर्माण की शपथ, युवाओं से किया नशे के विरुद्ध जनआंदोलन से जुड़ने का आह्वान

 

जबलपुर। नशामुक्त समाज के निर्माण के संकल्प के साथ मध्य प्रदेश पुलिस एवं सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 15 दिवसीय जन-जागरूकता अभियान “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” का मंगलवार को भंवरताल गार्डन स्थित संस्कृति थिएटर में भव्य शुभारंभ हुआ। यह अभियान 15 जुलाई से 30 जुलाई तक जिलेभर में संचालित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत विद्यालयों, महाविद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों और ग्रामीण क्षेत्रों में विविध जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक प्रमोद वर्मा, डीआईजी अतुल सिंह, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय, वरिष्ठ चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ. जितेंद्र जामदार, ब्रह्मकुमारी वर्षा बहन, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की डॉ. ऋचा शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह, आयुष जाखड़, अनु बेनिवाल सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, शिक्षक, सामाजिक संगठन, विद्यार्थी और नागरिक उपस्थित रहे।

 

अपने संबोधन में आईजी प्रमोद वर्मा ने कहा कि पिछले वर्ष संचालित नशा मुक्ति अभियान को समाज का व्यापक सहयोग मिला, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि जीवन में सफलता पाने के लिए नशे की नहीं, बल्कि जुनून, अनुशासन और परिश्रम की आवश्यकता होती है। खेल, योग, प्रकृति से जुड़ाव और रचनात्मक गतिविधियां ही युवाओं की वास्तविक शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि नशा अंततः व्यक्ति के जीवन, परिवार और भविष्य का विनाश करता है। उन्होंने हेल्पलाइन नंबर 14446 (परामर्श सेवा), 14441 (सुसाइड प्रिवेंशन) और 1933 (मानस हेल्पलाइन) की जानकारी देते हुए नागरिकों से इन सेवाओं का आवश्यकता पड़ने पर उपयोग करने की अपील की।

 

डीआईजी अतुल सिंह ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रहकर खेल, संगीत, शिक्षा और रोजगार जैसे सकारात्मक क्षेत्रों में अपनी ऊर्जा लगानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा व्यक्ति को ही नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं भी नशे का अवैध कारोबार, तस्करी अथवा सिंडिकेट संचालित होता दिखाई दे तो तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचना दें, ताकि कठोर कार्रवाई की जा सके।

 

कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि नशा केवल एक व्यक्तिगत बुराई नहीं बल्कि सामाजिक अभिशाप है। जिस परिवार में एक भी व्यक्ति नशे की गिरफ्त में आ जाता है, वहां आर्थिक स्थिति, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास सभी प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि अगले 15 दिनों तक जिलेभर में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से बच्चों, युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से विद्यालयों और महाविद्यालयों के आसपास तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि केवल ड्रग्स ही नहीं, बल्कि तंबाकू, गुटखा, शराब और अन्य सभी प्रकार के नशों से दूरी बनाना आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से अपने आसपास के लोगों को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

 

पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने कहा कि नशा व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता को धीरे-धीरे समाप्त कर देता है और उसे मानसिक, सामाजिक तथा आर्थिक रूप से खोखला बना देता है। उन्होंने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि समाज को अपराध और नशे जैसी बुराइयों से भी मुक्त कराना है। उन्होंने आमजन से अपील की कि संदिग्ध गतिविधियों अथवा नशे के कारोबार की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नशे का कारोबार करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जितेंद्र जामदार ने हितोपदेश का उल्लेख करते हुए नशे के दुष्प्रभावों और नार्को-टेररिज्म जैसे गंभीर खतरों पर प्रकाश डाला। वहीं ब्रह्मकुमारी वर्षा बहन ने राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से मानसिक शक्ति बढ़ाने और नशे से मुक्ति पाने का संदेश दिया। डॉ. ऋचा शर्मा ने कहा कि उपचार से बेहतर बचाव है और युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली तथा अच्छी आदतों को अपनाना चाहिए।

 

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का नशामुक्ति संबंधी संदेश भी प्रसारित किया गया। नवज्योति नशामुक्ति केंद्र के कलाकारों ने संजय पांडे के निर्देशन में प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर नशे के दुष्परिणामों को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया। कार्यक्रम के समापन पर आईजी प्रमोद वर्मा ने सभी उपस्थित लोगों को नशामुक्त समाज निर्माण की सामूहिक शपथ दिलाई।

 

जागरूकता रैली ने दिया नशामुक्त समाज का संदेश

 

कार्यक्रम के उपरांत संस्कृति थिएटर, भंवरताल से विशाल जन-जागरूकता रैली निकाली गई। आईजी प्रमोद वर्मा, डीआईजी अतुल सिंह, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह तथा पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। शहर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली इस रैली के माध्यम से नागरिकों को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवन अपनाने तथा नशामुक्त भारत के निर्माण में सहभागी बनने का संदेश दिया गया।

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