लोक सेवा गारंटी की उड़ाई धज्जियां, स्वास्थ्य अधिकारी अभिनव मिश्रा पर कलेक्टर का शिकंजा
जबलपुर। आम नागरिकों को समय पर शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम की अनदेखी नगर निगम जबलपुर के स्वास्थ्य अधिकारी अभिनव मिश्रा को भारी पड़ गई। निर्धारित समय-सीमा में सेवाएं प्रदान नहीं करने के 17 प्रकरणों में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने उन पर 5 हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया है।
प्रशासनिक समीक्षा में सामने आया कि स्वास्थ्य अधिकारी के स्तर पर लंबित रहे प्रकरणों के कारण आवेदकों को समय पर सेवाएं नहीं मिल सकीं। इसे लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन मानते हुए कलेक्टर ने कार्रवाई की। जिले में दंडित किए गए अधिकारियों-कर्मचारियों में अभिनव मिश्रा पर लगाया गया अर्थदंड सबसे अधिक है।
कलेक्टर ने आदेश जारी कर निर्देश दिए हैं कि अधिरोपित राशि पांच दिनों के भीतर साइबर ट्रेजरी के माध्यम से शासन के खाते में जमा की जाए तथा इसकी रसीद लोक सेवा प्रबंधन विभाग को प्रस्तुत की जाए। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि समय सीमा में राशि जमा नहीं करने पर संबंधित अधिकारी के वेतन से वसूली की जाएगी।
यह कार्रवाई प्रशासन की उस सख्त मंशा को दर्शाती है, जिसमें आमजन को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत जवाबदेही तय करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।










