छोटी नौकरी, बड़ा साम्राज्य! छापे में खुलती जा रही संपत्तियों की परतें, नगर निगम के कई और अफसरों की बढ़ी बेचैनी
जबलपुर। नगर निगम जबलपुर में सहायक स्वास्थ्य अधिकारी (एएचओ) पोला राव के यहां ईओडब्ल्यू की कार्रवाई ने पूरे निगम प्रशासन को झकझोर कर रख दिया है। प्रारंभिक जांच में करीब 2.82 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ है। खास बात यह है कि जांच अभी जारी है और अधिकारियों का मानना है कि दस्तावेजों की पड़ताल पूरी होने के बाद यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।
ईओडब्ल्यू की टीम को बैंक खातों, निवेश, जमीन-जायदाद और अन्य वित्तीय दस्तावेजों से जुड़े कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड मिले हैं। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर संपत्तियों का मूल्यांकन किया जा रहा है। कार्रवाई के बाद निगम के गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही गूंज रहा है कि आखिर एक अधिकारी ने इतनी बड़ी संपत्ति कैसे अर्जित की?
सूत्रों के अनुसार पोला राव के यहां हुई कार्रवाई ने नगर निगम के उन अधिकारियों और कर्मचारियों की भी नींद उड़ा दी है, जिनकी जीवनशैली और संपत्तियों को लेकर लंबे समय से चर्चाएं होती रही हैं। निगम में चर्चा है कि यदि जांच का दायरा बढ़ा तो कई और “धनकुबेरों” के चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
जानकारों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि नगर निगम के उन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की संपत्तियों की भी जांच होनी चाहिए, जिनकी घोषित आय और वास्तविक संपत्ति के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है।
फिलहाल 2.82 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा नगर निगम में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं।
— वेंकटेश्वर राव, वरिष्ठ रिपोर्टर, जबलपुर









