जबलपुर। मदन महल थाना शनिवार को उस समय सुर्खियों में आ गया, जब अपने बेटे की गिरफ्तारी से आक्रोशित एक महिला ने थाना परिसर में खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर महिला को बचा लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार जयंती यादव नामक महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस उनके बेटे को मामले से राहत देने के बदले 5 लाख रुपये की मांग कर रही थी। महिला का आरोप है कि रकम नहीं देने पर बेटे को जेल भेजने की धमकी दी गई। हालांकि पुलिस ने अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
बताया जा रहा है कि महिला के बेटे को धारा 307 के एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया है। परिजनों का कहना है कि उक्त मामले में पुलिस लगभग आठ महीने तक निष्क्रिय रही, लेकिन न्यायालय की दो दिन की छुट्टी से ठीक पहले अचानक गिरफ्तारी कर ली गई। इससे कार्रवाई के समय और उद्देश्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
घटना के बाद थाना परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहीं महिला द्वारा लगाए गए आरोपों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि मामला गंभीर था तो आठ महीने तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई? और यदि महिला के आरोप निराधार हैं तो पुलिस प्रशासन अब तक खुलकर अपना पक्ष सामने क्यों नहीं रख रहा है?
फिलहाल पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। आमजन निष्पक्ष जांच और सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन के लिए भी यह मामला पारदर्शिता और जवाबदेही की कसौटी बन गया है।
5 लाख दो, वरना जेल भेज देंगे’ : महिला का आरोप, बेटे की गिरफ्तारी के विरोध में थाने में आत्मदाह का प्रयास
Published On: June 7, 2026 8:19 am

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