48 डिग्री तापमान में धोरों पर हुआ फिल्मांकन, भक्ति और संस्कृति का संदेश देगी फिल्म

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राजस्थान। उजला दर्पण के प्रधान संपादक बी.एल. मान के निर्देशन में बनी राजस्थानी फिल्म ‘भक्त सुंदरदास’ की शूटिंग संपन्न
48 डिग्री तापमान में धोरों पर हुआ फिल्मांकन, भक्ति और संस्कृति का संदेश देगी फिल्म
फतेहपुर शेखावाटी। तपते रेगिस्तान, 48 डिग्री तापमान और झुलसा देने वाली गर्म हवाओं के बीच राजस्थानी आध्यात्मिक फिल्म ‘भक्त सुंदरदास’ के प्रथम शेड्यूल की शूटिंग सफलतापूर्वक पूर्ण हो गई। उजला दर्पण के प्रधान संपादक, लेखक एवं निर्देशक बी.एल. मान के निर्देशन में बन रही इस फिल्म की शूटिंग फतेहपुर शेखावाटी एवं रामगढ़ शेखावाटी के धोरों और ग्रामीण अंचलों में की गई।
भीषण गर्मी के बावजूद कलाकारों और तकनीकी टीम ने अद्भुत समर्पण, अनुशासन और जुनून का परिचय देते हुए निर्धारित समय में शूटिंग पूरी की। कठिन परिस्थितियों में किया गया यह फिल्मांकन पूरी टीम की मेहनत और प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गया।
फिल्म का शुभारंभ नगरदास गांव स्थित श्री बालाजी स्कूल एवं बालाजी मंदिर परिसर में धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, कलाकारों एवं फिल्म से जुड़े सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही। श्री बालाजी स्कूल के निर्देशक धर्मपाल मील एवं ताराचंद मील ने सभी कलाकारों और तकनीशियनों का दुपट्टा पहनाकर स्वागत एवं सम्मान किया।
फिल्म के लेखक एवं निर्देशक बी.एल. मान हैं, जबकि सह-निर्देशक के रूप में संजय भाटी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म के डीओपी सुरेश खांडल हैं तथा इसकी मूल कहानी भंवर सिंह शेखावत ने लिखी है। विशेष बात यह है कि भंवर सिंह शेखावत फिल्म में डबल रोल में दिखाई देंगे, वहीं बाल कलाकार मास्टर अनिरुद्ध सिंह शेखावत भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
फिल्म में हर्षिका, अमन सिंह राठौड़, ऐश्वर्या, खुशी रानी, राकेश लोहरा (कॉमेडियन जॉनी), धर्मपाल बशीर, ममता अग्रवाल, दीपक व्यास, मनोज कुमावत (फौजी), दिलीप कुमावत, पवन, देवकिशन, विशाल, योगेश, कालू बन्ना, राम चौधरी, आयुष जांगिड़, आयुष सैनी, धर्मपाल मील, ताराचंद मील एवं बृजलाल मील सहित अनेक कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे।
फिल्म ‘भक्त सुंदरदास’ की कहानी भक्ति, त्याग, आध्यात्मिक चेतना और भारतीय संस्कारों पर आधारित है। फिल्म यह संदेश देती है कि यदि बच्चों में बचपन से ही ईश्वर के प्रति श्रद्धा, विश्वास और संस्कारों का बीजारोपण किया जाए, तो वही आस्था जीवन के संघर्षपूर्ण क्षणों में उन्हें शक्ति, साहस और सही मार्ग प्रदान करती है।
निर्देशक बी.एल. मान ने बताया कि फिल्म के माध्यम से राजस्थानी संस्कृति, लोक परंपराओं, आध्यात्मिक मूल्यों और सामाजिक संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास है।
शूटिंग पूर्ण होने पर उपस्थित अतिथियों एवं स्थानीय नागरिकों ने पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि ‘भक्त सुंदरदास’ राजस्थानी सिनेमा में एक नई पहचान स्थापित करेगी और दर्शकों के दिलों में विशेष स्थान बनाएगी।

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