( उजला दर्पण रामगोपाल सिंह सीनियर रिपोर्टर मध्य प्रदेश )
सिवनी मालवा
आदिवासी कल्याण समिति द्वारा नववर्ष 2026 के पावन अवसर पर ग्राम बारासेल में पारंपरिक चिटकोरा नृत्य प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत, रीति-रिवाज और परंपरागत लोकनृत्य को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करना रहा।
प्रतियोगिता में आदिवासी सांस्कृतिक वेश-भूषा के साथ 8 टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी मंडलों को बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए 4 आकर्षक पुरस्कार रखे गए। चिटकोरा नृत्य आदिवासी समाज में शादी-विवाह एवं मांगलिक अवसरों पर रात भर ढोलक, टिमकी और साज-बाज के साथ मंडप जागरण के रूप में किया जाता है, जिसकी जीवंत झलक प्रतियोगिता में देखने को मिली।
प्रतियोगिता में पुरस्कार इस प्रकार रहे—
प्रथम पुरस्कार: ₹5101
द्वितीय पुरस्कार: ₹4001
तृतीय पुरस्कार: ₹3001
चतुर्थ पुरस्कार: ₹2100
प्रतियोगिता में मां शारदा आदिवासी सांस्कृतिक ग्रुप, केसला (कासदाखुर्द) ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम पुरस्कार ₹5101 पर कब्जा जमाया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सिंगर रामदीन बैठे, दिव्या, मोनिका काजले एवं शिवनी काजले की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नर्मदा प्रसाद नागले, दुर्गेश बैठे, सुरेश उईके उपस्थित रहे। आयोजन समिति में दुर्गा प्रसाद कासदे, गुलाब भूसारे, प्रेमलाल आखड़े, मिश्रीलाल कलमे, मेलाराम मवासे, अर्जुन सरयाम, हीरालाल उईके, गुलजार सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।
कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों ने आदिवासी संस्कृति को जीवंत बनाए रखने हेतु ऐसे आयोजनों की सराहना की और भविष्य में भी इसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता बताई।









