( उजला दर्पण रामगोपाल सिंह सीनियर रिपोर्टर मध्य प्रदेश )
जबलपुर मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतर्गत आज मंगलवार को जिला निर्वाचन कार्यालय सहित जिले के सभी मतदान केंद्रों पर प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ ही इस पर दावे-आपत्तियां प्राप्त करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के अवसर पर मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों से गठित स्टैंडिंग कमेटी की बैठक का आयोजन भी किया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर राघवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में राजनैतिक दलों को प्रारूप मतदाता सूची पर दावे-आपत्तियां प्राप्त करने तथा प्राप्त दावे आपत्तियों की सुनवाई और उनके निराकरण की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी गई।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री सिंह ने बैठक में बताया कि प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन का मुख्य उद्देश्य मतदाताओं को इसमें अपना और अपने परिवार के सदस्यों नाम देखने का अवसर देना है, ताकि यदि उनका नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं है अथवा नाम पता या अन्य विवरण में कोई त्रुटि है, तब ऐसी स्थिति में वे निर्धारित अवधि के भीतर अपना नाम शामिल कराने अथवा नाम में सुधार के लिये निर्धारित प्रारूप में बीएलओ को आवेदन दे सकें। श्री सिंह ने राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों से प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन पर दावे-आपत्तियां प्राप्त करने की प्रक्रिया का अपने स्तर पर भी प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया तथा इस कार्य में उनसे सहयोग की अपेक्षा की। बैठक में प्रारूप मतदाता सूची की प्रतियां राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों को सौंपी गई। उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं संयुक्त कलेक्टर श्रीमती ज्योति परस्ते तथा राजनैतिक दलों की ओर से श्री अभय सिंह ठाकुर, सचिन जैन सहारा, फिरोज ठाकरे, रुक्मणी गोंटिया, पंचम झा, आदेश दुबे, योगेंद्र सिंह राजपूत, व्यंकट श्रीवास्तव, सुरेश वंशकार, ओम दुबे आदि भी इस बैठक में मौजूद थे।
राजनैतिक दलों की बैठक में बताया गया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन जिले के सभी मतदान केंद्रों पर किया गया है। मतदाता अपने मतदान केंद्र के अलावा कलेक्टर कार्यालय या संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालय में भी इस सूची का अवलोकन कर सकते हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश की वेबसाईट https://ceoelectio.mp.gov.in और भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट voters.eci.gov.in पर भी प्रारूप मतदाता सूची देखी जा सकती है।
बैठक में बताया गया कि ऐसा कोई भी मतादाता जिसका नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं है, बीएलओ को फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र (एसआईआर-2003 की जानकारी) देकर अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकता है। इसी प्रकार जिनके नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं और इसमें उन्हें अपने नाम अथवा पिता का नाम, जन्म तिथि या पता में सुधार सुधार कराना है तो वह फार्म-8 भरकर सुधार करा सकता है। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, नाम हटवाने या नाम में सुधार कराने का यह कार्य मतदाताओं द्वारा वोटर्स हेल्पलाइन एप या निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल voters.eci.gov.in पर फार्म-6, फार्म-7 या फार्म-8 ऑनलाइन भर कर भी किया जा सकता है।
राजनैतिक दलों को बताया गया कि प्रारूप मतदाता सूची में शामिल ऐसे मतदाताओं को 23 दिसम्बर से 14 फरवरी तक नोटिस जारी किये जायेंगे, जिनकी जानकारी मिसमैच है अथवा जिन्होंने 2025 की मतदाता सूची की जानकारी तो दी है, लेकिन वर्ष 2003 की मतदाता सूची से कोई लिंक स्थापित नहीं कर पाये हैं। ऐसे मतदाताओं को नोटिस के जबाब में निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेजों में से आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे, ताकि उनका नाम अंतिम मतदाता शामिल हो सके।
प्रारूप मतदाता सूची में 16 लाख 76 हजार 909 मतदाताओं के नाम शामिल.
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत घर-घर सत्यापन और गणना प्रपत्रों को भरे जाने की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद जिले की आठों विधानसभा क्षेत्र की प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची में 16 लाख 76 हजार 909 मतदाताओं के नाम शामिल किये गये हैं। मतदाताओं की यह संख्या विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य शुरू होने के पहले की तुलना में 2 लाख 48 हजार 563 कम है। मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य प्रारंभ होने के पूर्व 27 अक्टूबर 2025 की स्थिति में जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 19 लाख 25 हजार 472 थी।
जिला निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक कम हुये 2 लाख 48 हजार 563 मतदाता ऐसे मतदाता है जिनके गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हुये हैं। इन मतदाताओं में घर-घर सत्यापन के दौरान पाये गये 51 हजार 357 मृत, 66 हजार 678 अनुपस्थित, 1 लाख 15 हजार 437 स्थायी रूप से स्थानांतरित एवं 13 हजार 869 दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा इनमें 1 हजार 206 अन्य मतदाता भी शामिल हैं। गणना प्रपत्र प्राप्त न होने के कारण ऐसे मतदाताओं के नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं किये गये हैं। एएसडीआर श्रेणी के इन मतदाताओं की निरसन सूची जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाईट jabalpur.nic.in पर देखी जा सकती है। ऐसे मतदाताओं के नामों की सूची मतदान केंद्रों पर भी चस्पा की गई है। दावे-आपत्तियां प्राप्त करने प्रक्रिया के दौरान दावा या आपत्ति प्राप्त नहीं होने की स्थिति में इनके नाम अंतिम मतदाता सूची में भी शामिल नहीं किये जा सकेंगे।
69 हजार 262 मतदाताओं को भेजे जायेंगे नोटिस :-
जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार जिले के ऐसे 69 हजार 262 मतदाताओं को नोटिस भेजे जायेंगे, जिनके गणना प्रपत्र तो प्राप्त हुये हैं लेकिन वर्ष 2003 के एसआईआर की सूची से उनकी मेपिंग नहीं हो सकी है। इन मतदाताओं के नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल किये गये हैं। इन मतदाताओं को 23 दिसम्बर से 22 जनवरी तक नोटिस जारी किये जायेंगे। नोटिस के जबाब में उन्हें निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेजों में से आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे, ताकि उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज हो सके। नो मेपिंग की श्रेणी में शामिल मतदाताओं में विधानसभा क्षेत्र पाटन के 2 हजार 850, बरगी के 4 हजार 875, जबलपुर पूर्व के 14 हजार 414, जबलपुर उत्तर के 15 हजार 364, जबलपुर केंट के 16 हजार 157, जबलपुर पश्चिम के 6 हजार 144, पनागर के 8 हजार 204 एवं विधानसभा क्षेत्र सिहोरा के 1 हजार 254 मतदाता शामिल हैं। इन मतदाताओं को उनके घर जाकर नोटिस दिये जाएंगे। नोटिस पर ही इसका जबाब प्रस्तुत करने और सुनवाई की तारीख का उल्लेख होगा। नोटिस के मिले जबाब की सुनवाई नियत स्थानों पर की जायेगी। सुनवाई के लिये जबलपुर शहर में 28 स्थान नियत किये जा रहे हैं। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में संबंधित तहसील कार्यालय में इनकी सुनवाई होगी।
2 लाख 48 हजार 563 मतदाताओं के प्राप्त नहीं हुये गणना प्रपत्र
जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार मतदाताओं के घर-घर सत्यापन के दौरान जिन 2 लाख 48 हजार 563 मतदाओं के गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हुए हैं, उनमें विधानसभा क्षेत्र पाटन के 21 हजार 373, बरगी के 24 हजार 236, जबलपुर पूर्व के 49 हजार 215, जबलपुर उत्तर के 24 हजार 558, जबलपुर केंट के 37 हजार 450, जबलपुर पश्चिम के 43 हजार 631, पनागर के 30 हजार 108 एवं विधानसभा क्षेत्र सिहोरा के 17 हजार 992 मतदाता शामिल हैं।
एएसडीआर श्रेणी के इन मतदाताओं में विधानसभा क्षेत्र पाटन के 6 हजार 282 मृत, 2 हजार 519 अनुपस्थित, 10 हजार 832 स्थानांतरित एवं 1 हजार 693 दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाता शामिल हैं। इसी प्रकार विधानसभा क्षेत्र बरगी के 6 हजार 200 मतदाता मृत, 4 हजार 833 अनुपस्थित, 11 हजार 139 स्थानांतरित एवं 2 हजार 052 दोहरी प्रविष्टि, जबलपुर पूर्व के 7 हजार 870 मृत, 22 हजार 443 अनुपस्थित, 16 हजार 524 स्थानांतरित एवं 2 हजार 152 दोहरी प्रविष्टि, जबलपुर उत्तर के 4 हजार 974 मृत, 6 हजार 952 अनुपस्थित, 11 हजार 504 स्थानांतरित एवं 1 हजार 072 दोहरी प्रविष्टि, जबलपुर केंट के 5 हजार 115 मृत, 11 हजार 398 अनुपस्थित, 19 हजार 532 स्थानांतरित एवं 1 हजार 040 दोहरी प्रविष्टि, जबलपुर पश्चिम के 6 हजार 615 मृत, 11 हजार 475 अनुपस्थित, 23 हजार 555 स्थानांतरित एवं 1 हजार 720 दोहरी प्रविष्टि, पनागर के 7 हजार 755 मृत, 4 हजार 393 अनुपस्थित, 15 हजार 093 स्थानांतरित एवं 2 हजार 653 दोहरी प्रविष्टि तथा सिहोरा विधानसभा क्षेत्र के 6 हजार 546 मृत, 2 हजार 665 अनुपस्थित, 7 हजार 258 स्थानांतरित एवं 1 हजार 485 दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाता शामिल है।
167 मतदान केंद्र बढ़े :-
मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के अंतर्गत प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ ही निर्वाचन आयोग द्वारा अनुमोदित मतदान केंद्रों की सूची का प्रकाशन भी किया गया। जिले में संख्या बढ़कर अब 2 हजार 321 हो गई है। मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तिकरण के पूर्व जिले में मतदान केंद्रों की यह संख्या 2 हजार 154 थी।
जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार पाटन विधानसभा क्षेत्र में मतदान केंद्रों की संख्या 303 से बढ़कर अब 333 हो गई है। इसी प्रकार बरगी विधानसभा क्षेत्र में 286 से बढ़कर 304, जबलपुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में 235 बढ़कर 276, जबलपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र में 241 से बढ़कर 248, जबलपुर केंट विधानसभा क्षेत्र में 215 से बढ़कर 228, जबलपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में 276 से बढ़कर 289, पनागर विधानसभा क्षेत्र में 316 से बढ़कर 345 तथा सिहोरा विधानसभा क्षेत्र में 282 बढ़कर अब 298 मतदान केंद्र हो गये हैं।










