जयपुर, 4 दिसंबर। राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए एसओजी की कार्रवाई लगातार तेज है। ग्राम सेवक भर्ती–2016 के बहुचर्चित डमी अभ्यर्थी प्रकरण में एसओजी ने मुख्य आरोपी और ₹10,000 के इनामी अपराधी लाडूराम विश्नोई को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने अपनी जगह परीक्षा दिलाने के लिए एक शिक्षक को हायर किया था और इसी धोखाधड़ी के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल कर ली थी।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने पुष्टि की कि यह गिरफ्तारी कई महीनों से चल रही खोज का परिणाम है, क्योंकि आरोपी लगातार ठिकाने बदलकर फरारी काट रहा था।
कैसे उजागर हुआ पुराना घोटाला
एसओजी को मिली शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ग्राम सेवक भर्ती–2016 में अभ्यर्थी लाडूराम विश्नोई ने स्वयं परीक्षा नहीं दी, बल्कि अपनी जगह एक डमी अभ्यर्थी भेजकर चयन सूची में जगह बनाई।
जांच में शिकायत सही पाई गई और एसओजी ने मामला दर्ज कर विस्तृत अनुसंधान शुरू किया।
डमी अभ्यर्थी निकला जोधपुर का द्वितीय श्रेणी शिक्षक
जांच में खुलासा हुआ कि परीक्षा देने के लिए लाडूराम ने गोपाल विश्नोई, निवासी बाड़मेर, को पैसे देकर हायर किया था। गोपाल विश्नोई उस समय जोधपुर में द्वितीय ग्रेड शिक्षक के तौर पर कार्यरत था।
एसओजी ने गोपाल को 19 दिसंबर 2024 को ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उसकी गिरफ्तारी के बाद मुख्य आरोपी लाडूराम पर भी शिकंजा कसना शुरू हुआ।
1 दिसंबर को दबोचा गया फरार आरोपी
मुख्य आरोपी लाडूराम फरारी के दौरान लगातार लोकेशन बदल रहा था, जिससे पुलिस के लिए उसकी गिरफ्तारी एक चुनौती बन गई। इसी वजह से उस पर ₹10,000 का इनाम घोषित किया गया था।
एसओजी की टीम ने तकनीकी सर्विलांस, खुफिया इनपुट और जमीनी निगरानी का उपयोग करते हुए 1 दिसंबर को लाडूराम को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान—
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नाम: लाडूराम विश्नोई
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पिता: सोनाराम
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निवासी: गडरा नेडीनाडी, तहसील धोरीमन्ना, जिला बाड़मेर
संगठित गिरोह के संकेत, एसओजी गहराई से जांच करेगी
एसओजी अब इस मामले को एक अकेली घटना मानकर नहीं चल रही है। जांच यह पता लगाने पर केंद्रित है कि—
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क्या इस भर्ती में अन्य अभ्यर्थियों ने भी डमी बैठाकर चयन पाया?
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क्या इसके पीछे कोई संगठित दलाल–गिरोह वर्षों से सक्रिय था?
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क्या अन्य सरकारी भर्तियां भी इससे प्रभावित हुई हैं?
एडीजी बंसल के अनुसार, योग्यता आधारित भर्ती प्रक्रिया को दूषित करने वाली किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “भर्ती परीक्षाओं में धांधली करने वालों को जड़ से समाप्त करना एसओजी की प्राथमिकता है।”












