जयपुर के गुप्त वृंदावन धाम में श्रील प्रभुपाद बुक मैराथन 2025 का भव्य शुभारम्भ, वैदिक साहित्य को विश्व तक पहुंचाने का संकल्प

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दो माह तक चलने वाले अभियान में भक्त करेंगे गीता, भागवत और वैदिक ग्रंथों का वैश्विक स्तर पर वितरण; 15 फरवरी 2026 को घोषित होंगे परिणाम


जयपुर, 23 नवंबर। जयपुर स्थित गुप्त वृंदावन धाम में वैश्विक स्तर के आध्यात्मिक अभियान “श्रील प्रभुपाद बुक मैराथन 2025” का भव्य शुभारंभ हुआ। यह अभियान पूरे विश्व को श्रील प्रभुपाद के वैदिक ग्रंथों के अमूल्य ज्ञान से जोड़ने के उद्देश्य के साथ प्रारंभ किया गया है। अभियान का आरंभ 23 नवंबर को हुआ और अगले दो माह तक भक्त जगतभर में श्रीमद्भगवद गीता, श्रीमद्भागवतम और अन्य प्रमुख वैदिक पुस्तकों का वितरण करेंगे।

गीता जयंती से मिली प्रेरणा

इस वैश्विक मैराथन की प्रेरणा आगामी 1 दिसंबर को मनाई जाने वाली गीता जयंती से ली गई है। मान्यता है कि इसी दिवस भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र के युद्धभूमि में अर्जुन को गीता का दिव्य उपदेश दिया था।
गीता जयंती के अवसर पर गुप्त वृंदावन धाम में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव आयोजित किया जाएगा, जिसमें वैदिक ज्ञान, आध्यात्मिक प्रवचनों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और भगवद् गीता के महत्व पर विशेष सत्र शामिल होंगे।

अभियान का उद्देश्य—अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे आध्यात्मिक ज्ञान

भक्तों का मानना है कि श्रील प्रभुपाद बुक मैराथन का मूल उद्देश्य है—

  • अधिक से अधिक व्यक्तियों को गीता पढ़ने के लिए प्रेरित करना

  • श्रीकृष्ण के उपदेशों को जीवन में अपनाना

  • युवा पीढ़ी में वैदिक ज्ञान की समझ विकसित करना

  • विश्व एकता, शांति और आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा देना

अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट पुस्तक वितरण करने वाले भक्तों को विशेष पुरस्कार और सम्मान पत्र प्रदान किए जाएंगे। मैराथन के परिणाम 15 फरवरी 2026 को घोषित किए जाएंगे।

श्रील प्रभुपाद का प्रेरणादायी संदेश

विश्व गुरु श्रील ए.सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद ने पुस्तक वितरण को आध्यात्मिक सेवा का सर्वोच्च माध्यम माना। उनका प्रेरणादायी कथन अभियान का मुख्य आधार है:
“एक पुस्तक किसी का संपूर्ण जीवन बदल सकती है। जिसने मेरी एक भी पुस्तक वितरित की, उसने मेरे हृदय को प्रसन्न कर दिया।”

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