भोपाल ( Ankit Sen )। पंचायत सचिव पद पर नियुक्ति प्रक्रिया में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। अब इस पद के लिए सीपीसीटी (कम्प्यूटर प्रोफिसिएंसी सर्टिफिकेशन टेस्ट) उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने नियमों का ड्राफ्ट जारी कर दिया है, जिस पर एक माह तक आपत्तियां और सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद राज्य सरकार नए नियम लागू करेगी।
नए प्रस्तावित नियमों के अनुसार पंचायत सचिव जिला स्तर कैडर के अंतर्गत आएंगे। प्रत्येक जिले में उतनी ही संख्या में सचिव नियुक्त किए जाएंगे, जितनी ग्राम पंचायतें उस जिले में मौजूद हैं। इसके साथ ही सचिव पद के लिए वही अभ्यर्थी पात्र होंगे जिनकी दो से अधिक जीवित संतान न हों, तथा यदि एक संतान 26 जनवरी 2001 या उसके बाद जन्मी है तो वह नियम लागू माना जाएगा।
सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन यह है कि सचिवों के कुल रिक्त पदों में से 50% पद आरक्षित कैटेगरी अनुसार ग्राम रोजगार सहायकों से भरे जाएंगे। इसके लिए रोजगार सहायक का कम से कम पांच साल की सेवा पूरी करना और सचिव पद के लिए निर्धारित सभी मापदंड पूरे करना अनिवार्य होगा। रोजगार सहायकों को कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित पात्रता परीक्षा में भी शामिल होना होगा।
भर्ती प्रक्रिया जिला स्तर पर होगी। जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हर वर्ष 1 जनवरी की स्थिति में रिक्त पदों का विवरण, रोस्टर और कैटेगरी के आधार पर संचालनालय को भेजेंगे। तत्पश्चात यह जानकारी कर्मचारी चयन मंडल को भेजी जाएगी, जो सचिव भर्ती परीक्षा का आयोजन करेगा।
सेवा पुस्तिका, व्यक्तिगत अभिलेख और पर्सनल सर्विस रिकॉर्ड जनपद पंचायत कार्यालय में बनाए और संरक्षित किए जाएंगे।
नए नियमों के अनुसार पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सहायक—दोनों पदों के अभ्यर्थियों के लिए सीपीसीटी में हिंदी टाइपिंग के साथ कम्प्यूटर दक्षता अनिवार्य होगी।
नियम लागू होने के बाद पंचायत सचिव भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तकनीकी और योग्यता आधारित होने की उम्मीद है।










