( उजला दर्पण सीनियर रिपोर्टर रामगोपाल सिंह )
जिला नर्मदापुरम।
मध्य प्रदेश में वित्तीय सशक्तिकरण की रीढ़ माने जाने वाले पैसा मोबेलाइज़र आज बेहद दयनीय स्थिति में काम करने को विवश हैं। सीमित संसाधन, प्रशिक्षण की कमी और प्रोत्साहन के अभाव में उनका मनोबल टूटता जा रहा है। इस गंभीर स्थिति को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता अखिलेश इरपाचे ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
इरपाचे ने अपने पत्र में कहा है कि पैसा मोबेलाइज़र ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता बढ़ाने, स्वयं सहायता समूहों का गठन करने और सरकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें न तो पर्याप्त संसाधन मिल रहे हैं और न ही उनके कार्य के अनुरूप मानदेय या प्रोत्साहन।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पैसा मोबेलाइज़रों के मनोबल को बढ़ाने हेतु विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम, प्रोत्साहन राशि, और सुविधा संसाधन मुहैया कराए जाएं। साथ ही, कार्य मूल्यांकन के लिए एक पारदर्शी व्यवस्था तैयार की जाए, जिससे मेहनती मोबेलाइज़रों को उचित सम्मान मिल सके।
इरपाचे ने यह भी कहा कि यदि सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाती है, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने में उल्लेखनीय परिणाम देखने को मिलेंगे।
प्रदेशभर के पैसा मोबेलाइज़रों ने अखिलेश इरपाचे की इस पहल का स्वागत किया है और मुख्यमंत्री से शीघ्र सकारात्मक निर्णय की उम्मीद जताई है।












