( उजला दर्पण सीनियर रिपोर्टर रामगोपाल सिंह )
भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने अब झूठी शिकायतें कर अधिकारियों-कर्मचारियों को ब्लैकमेल करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। लोक सेवा प्रबंधन विभाग ने सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी करते हुए ऐसे लोगों की जानकारी तय फार्मेट में तलब की है। जारी निर्देश में कहा गया है कि सीएम हेल्पलाइन पोर्टल या अन्य प्लेटफॉर्म पर कुछ लोग आदतन व झूठी शिकायतें दर्ज कराते हैं, जिनका मकसद केवल दबाव बनाना और ब्लैकमेल करना होता है। ऐसे मामलों को ध्यान में रखते हुए अब हर जिले से रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाए। इसके लिए शासन ने एक फार्मेट भी जारी किया है, जिसमें शिकायतकर्ता का नाम, मोबाइल नंबर, अब तक की गई कुल शिकायतों की संख्या और उसके बारे में अधिकारियों की टिप्पणी दर्ज की जाएगी। यह जानकारी लेवल अधिकारियों की लॉगिन आईडी के जरिए पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। गौरतलब है कि सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा बैठकों में बार-बार यह तथ्य सामने आया है कि कुछ लोग फर्जी शिकायतें कर अफसरों-कर्मचारियों को परेशान करते हैं। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव पहले ही ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दे चुके हैं। अब पहली बार सरकार ने बाकायदा आदेश जारी कर कलेक्टरों से रिपोर्ट तलब की है।
ग्रामीण विकास विभाग लिख चुका है पत्र
प्रमुख सचिव पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग दीपाली रस्तोगी ने मार्च में इसी तरह के मामले में पत्र लिखा था। इसमें कहा गया कि जिला पंचायत सिवनी के द्वारा जानकारी दी गई है कि सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर शिकायत के निराकरण के समय कम्प्लेन करने वाले अलग-अलग योजनाओं और विभागों में बार-बार एक ही प्रकार की शिकायतें करते हैं। यह कम्पलेन ब्लैकमेल किए जाने के लिए की जाती हैं।
शिकायत बंद करने के बदले राशि की मांग
सिवनी जिले में इस तरह का एक शिकायतकर्ता सामने आ चुका है जिसके विरुद्ध पुलिस में कम्प्लेन भी हुई है। ऐसी स्थिति की जानकारी दूसरे जिलों से भी समय समय पर आ रही है। जब शिकायतों का निराकरण किए जाने के बाद दूरभाष के जरिए शिकायतकर्ता की संतुष्टि के लिए कॉल किया जाता है और शिकायत बंद करने को कहा जाता है तो शिकायत बंद करने के बदले अवैध रूप से राशि मांगी जाती है।











