(अंकित सेन स्टेट हेड उजला दर्पण मध्यप्रदेश )
जबलपुर। नगर निगम जोन-02 पर गंभीर आरोपों की परतें लगातार खुल रही हैं। एक ओर नोटिस का खेल जनता को गुमराह कर रहा है, वहीं दूसरी ओर अब रात्रिकालीन डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन में भी बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है।
➡️ “02 जोन में रात्रिकालीन वाहन डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की हाजिरी में बड़ी उलटफेर की जा रही है।
➡️ दिन और रात दोनों शिफ्ट में वही चालक गाड़ी चलाता है, लेकिन वेतन भुगतान किसी और के नाम से निकलता है।
➡️ एवज में S.I. हर महीने महीना वसूली करता है।
➡️ फिलहाल 3 गाड़ियां चल रही हैं, लेकिन पूरे सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं।”
जिम्मेदार अफसरों पर सवाल
इस पूरे खेल में जनता सीधा आरोप लगा रही है कि—
➡️ सीएसआई सचिन जैन और एच.ओ. अंकिता बर्मन की चुप्पी संदेह पैदा करती है।
➡️ आखिर नोटिस और 24 घंटे का अल्टीमेटम कहाँ गायब हो गया?
दिन में सीएसआई सचिन जैन की कार का ड्राइवर, रात में कचरा गाड़ी चालक! हाजिरी उलटफेर, भुगतान किसी और के नाम—S.I. करता है महीना वसूली।
आयुक्त की सख्ती का इंतज़ार
आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने मुख्यालय निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था पर नाराज़गी जताई और लापरवाहों को चेताया। लेकिन जनता का सवाल वही है—👉 क्या आयुक्त की सख्ती जोन-02 तक पहुँचेगी?👉 या फिर “नोटिस का खेल” और “महीना वसूली का तंत्र” ऐसे ही चलता रहेगा?
अंकिता बर्मन पर भी सवाल
एच.ओ. अंकिता बर्मन पर भी गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने उजला दर्पण समाचार पत्र के स्टेट हेड को ही ब्लॉक कर दिया।
➡️ आखिर एक अधिकारी किसी मीडिया प्रतिनिधि को ब्लॉक कर सच छुपाने की कोशिश क्यों कर रही हैं?
➡️ क्या यह पारदर्शिता से भागने और सच्चाई दबाने की रणनीति है?
सीएसआई सचिन जैन और एच.ओ. अंकिता बर्मन की चुप्पी संदेह पैदा करती है।
बड़ा खेल—ड्राइवर का दोहरा रोल।
जानकारी के अनुसार, दिन में जो व्यक्ति सीएसआई सचिन जैन की कार का ड्राइवर है, वही रात में नगर निगम की कचरा गाड़ी चला रहा है।
लेकिन हाजिरी और भुगतान का खेल ऐसा रचा गया है कि पैसे किसी और के नाम से जारी होते हैं।👉 सवाल यह है कि—
क्या सचिन जैन इस फर्जीवाड़े से अनजान हैं?
या फिर ड्राइवर का सीधा संबंध होने के कारण वे चुप हैं? क्या इसी कारण से अमन निधि चतुर्वेदी को बचाने की कोशिश हो रही है?











