(अंकित सेन स्टेट हेड उजला दर्पण मध्यप्रदेश)
जबलपुर।
नगर निगम जोन-02 में गड़बड़ियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। सीएसआई सचिन जैन और एसआई अमन निधि चतुर्वेदी पर अभद्र भाषा, दबंगई और फर्जी मस्टर रोल से सफाई व्यवस्था चौपट करने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। नोटिस का खेल
9 सितंबर को सहायक आयुक्त स्वास्थ्य विभाग ने अमन निधि चतुर्वेदी को 24 घंटे का नोटिस जारी किया था।
लेकिन—
👉 न कार्रवाई हुई
👉 न सुधार दिखा
👉 न ही कोई ठोस कदम उठाया गया
➡️ बड़ा सवाल यही है कि आखिर आज तक उस नोटिस पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
➡️ क्या नोटिस सिर्फ दिखावे का नाटक था या फिर “ऊपर से संरक्षण” का खेल चल रहा है?
जनता की आवाज़ , स्थानीय लोगों का कहना है—
➡️ “जोन-02 गंदगी से भर गया है लेकिन निगम के अफसर केवल नोटिस का खेल खेल रहे हैं।
➡️ “सचिन जैन और अमन चतुर्वेदी की मनमानी ने हालात बदतर कर दिए हैं।”
➡️ “अगर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो जनता आंदोलन पर उतरेगी।”
नोटिस जारी होने के बाद भी कार्रवाई ठप, एच.ओ. अंकिता बर्मन पर भी उठे सवाल।
HO अंकिता बर्मन ने कार्यवाही अमन निधि चतुर्वेदी पर नहीं की, बल्कि खबरों को देख कर उल्टा उजला दर्पण के स्टेट हेड का मोबइल नम्बर व्हाट्सएप पर किया ब्लॉक।
अंकिता बर्मन पर भी सवाल
एच.ओ. अंकिता बर्मन पर भी गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने उजला दर्पण समाचार पत्र के स्टेट हेड को ही ब्लॉक कर दिया।
➡️ आखिर एक अधिकारी किसी मीडिया प्रतिनिधि को ब्लॉक कर सच छुपाने की कोशिश क्यों कर रही हैं?
➡️ क्या यह पारदर्शिता से भागने और सच्चाई दबाने की रणनीति है?
विधायक संतोष वरकड़े जी का कहना है कि नगर निगम के अधिकारी/कर्मचारी कॉल नहीं उठाते है।
इसकी जानकारी विधायक महोदय जी द्वारा कलेक्टर महोदय को दी गई।
इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अपर आयुक्त सभी सी एस आई के नाम जोन में नोटिस भी जारी किए है कि कॉल उठाए जाए।
लेकिन कॉल उठाने की क्या बात है। नगर निगम अधिकारी सीधा मोबाइल नंबर ही ब्लॉक कर











