( उजला दर्पण सीनियर रिपोर्टर रामगोपाल सिंह उईके
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जबलपुर। गोंडवाना साम्राज्य के अमर शहीद राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह की शहादत दिवस पर 22 सितंबर को झिरनामोड़, चौरई कुण्डम में गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन ने बड़ा मुद्दा उठाया। कार्यक्रम की अगुवाई जिला अध्यक्ष अभिताप धुर्वे ने की।
यूनियन ने साफ कहा कि “विद्यालय और छात्रावासों की बदहाल व्यवस्था आदिवासी बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेल रही है। शासन-प्रशासन को अब तुरंत ठोस कदम उठाने होंगे।”
✦ उठाए गए बड़े मुद्दे
जर्जर स्कूल भवन: कुण्डम ब्लॉक के अधिकांश स्कूल खंडहर में बदल चुके हैं। टिठाकलां, मचईटोला, भरड़ी जैसे गांवों में 4-5 साल से घरों में कक्षाएं चल रही हैं।
छात्राओं का स्वास्थ्य संकट: छात्रावासों में अधीक्षकों द्वारा सेनेटरी पैड न दिए जाने से बच्चियां कपड़े के सहारे मजबूर हैं और बीमारियों का शिकार हो रही हैं।
भोजन में मनमानी: छात्रावासों में कभी मेनू के अनुसार भोजन नहीं मिलता। खराब गुणवत्ता का राशन बच्चों को परोसा जाता है, जिससे फूड प्वाइजनिंग तक की स्थिति बन जाती है।
आदिवासी शिक्षक-प्रभारी की मांग: आदिवासी अंचलों में आदिवासी बच्चों को मातृभाषा में शिक्षा देने के लिए आदिवासी शिक्षक और अधीक्षक की नियुक्ति जरूरी।
अधीक्षक व्यवस्था की खामियां: एक अधीक्षक को 5-6 छात्रावासों का प्रभार देने से लापरवाही बढ़ रही है। प्रत्येक छात्रावास में स्थायी अधीक्षक की तैनाती हो।
✦ आंदोलन की चेतावनी
यूनियन पदाधिकारियों ने दो टूक कहा कि यदि इन 6 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र अमल नहीं हुआ तो आने वाले समय में व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।
अभिताप धुर्वे ने मंच से स्पष्ट कहा –
“हमारे बच्चे अगर सुरक्षित और शिक्षित नहीं हुए तो हम चैन से नहीं बैठेंगे। यह संघर्ष सिर्फ गोंडवाना का नहीं, बल्कि पूरे समाज का है।”












