कब तक बचेंगे अमन चतुर्वेदी? उच्च अधिकारियों की सांठगांठ या कार्रवाई से परे?

---Advertisement---

( अंकित सेन / उजला दर्पण )

जबलपुर नगर निगम के जोन क्रमांक-02 में मनमानी और भ्रष्टाचार का खेल खुलेआम जारी है।

जोन प्रभारी अमन चतुर्वेदी वर्षों से एक ही जगह पर जमे हुए हैं। सवाल यह है कि आखिर इनको किस उच्च अधिकारी का संरक्षण प्राप्त है?

लेबर मस्टरोल में हर दिन फर्जीवाड़ा होता है—

मौके पर केवल 10 से 12 लेबर मौजूद रहते हैं,

लेकिन मस्टरोल में संख्या 40 से अधिक दर्ज की जाती है।

यानी हर दिन फर्जी लेबर जोड़कर हज़ारों रुपये का घोटाला हो रहा है।

यही नहीं, डीजल घोटाला और हफ्ता वसूली का खेल भी बेखौफ़ चल रहा है।

सूत्रों के मुताबिक

जिन वाहन मालिकों से “सेटिंग” हो जाती है, उनकी लॉगबुक चेक नहीं होती,

जो इंकार करते हैं, उन्हें धमकियों के साथ लॉगबुक चेकिंग और दबाव का सामना करना पड़ता है।

सबसे बड़ा सवाल यही है—

आखिर कमिश्नर, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग कब संज्ञान लेंगे?

क्या अमन चतुर्वेदी की मनमानी यूँ ही चलती रहेगी?

या फिर वर्षों से एक ही जगह पर जमे रहने की वजह वास्तव में उच्च अधिकारियों से मिली सांठगांठ है?

इस पूरे मामले की लिखित सूचना स्वास्थ्य विभाग की अधिकारी अंकिता बर्मन को उजला दर्पण समाचार पत्र के स्टेट हेड के माध्यम से दी जा चुकी है। अब देखना है कि कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Comment