( उजला दर्पण सीनियर रिपोर्टर रामगोपाल सिंह )
जबलपुर शहर को अब बाढ़ और जलभराव की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी। केंद्र सरकार ने शहर को बाढ़ और जलभराव से बचाने के लिए 222 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है। इस राशि से कई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी जो इन प्राकृतिक आपदाओं को रोकेगी। इसे पूरा करने के लिए डेढ़ साल का समय रखा गया है।
जबलपुर नगर निगम आयुक्त प्रीति यादव ने बताया कि इसके अलावा दो बड़े सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, करोंदा और ग्वारीघाट में 8 करोड़ रुपए की लागत से सोलर प्लांट भी लगाए जाएंगे। जो नई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी उनका मुख्य लक्ष्य बाढ़, जल भराव को रोकने के साथ ही जलमग्रन क्षेत्रों में तालाबों का जीर्णोद्धार किया जाएगा और वहां से अतिक्रमण हटाया जाएगा ताकि पानी रोकने की क्षमता बढ़ सके। साथ ही नालियों को ठीक करने और वाटर हार्वेस्टिंग का काम भी तेजी से किया जाएगा।
महापौर ने बताया कि इस साल जलभराव की शिकायतें काफी कम हुई हैं। इस योजना के बाद जबलपुर को जल्द ही जलप्लावन मुक्त बनाया जाएगा। इसके लिए जल्द ही डीपीआर बनाकर टेंडर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, शहर की सड़कों और सरकारी इमारतों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएंगे, जिससे शहर एक स्पंज जोन की तरह काम कर सके। यह परियोजना देश के उन 11 शहरों में से एक है, जिन्हें इस विशेष योजना के लिए चुना गया है।












