( उजला दर्पण सीनियर रिपोर्टर रामगोपाल सिंह )
जबलपुर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि क्यों न जबलपुर एयरपोर्ट बंद कर दिया जाए। उच्च न्यायालय ने विमानन कंपनियों को जमकर फटकार भी लगाई। साथ ही तीन बिंदुओं पर शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। आइए जानते है आखिर पूरा मामला क्या है…
दरअसल, एमपी हाईकोर्ट में जबलपुर एयरपोर्ट से पुअर एयर कनेक्टिविटी को लेकर सुनवाई हुई। इसे लेकर कोर्ट ने विमानन कंपनियों को फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि क्यों न जबलपुर एयरपोर्ट बंद कर दिया जाए। उच्च न्यायालय ने कहा कि विमान कंपनी पूरा कमर्शियल डाटा प्रस्तुत करें। इसके साथ ही तीन बिंदुओं पर शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं हाईकोर्ट ने एडिशनल चीफ सेक्रेटरी मध्य प्रदेश शासन एविएशन विभाग से भी शपथ पत्र में जवाब मांगा है। आपको बता दें कि जबलपुर से महज पांच फ्लाइट ही उड़ान भर रही है। हाल ही में करीब 400 करोड़ की राशि से डुमना एयरपोर्ट का विस्तारीकरण हुआ है। विस्तारीकरण के बाद भी हालत जस की तस है, बल्कि पहले से और भी उड़ान अब कम हो गई। हाईकोर्ट में अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 28 अगस्त को होगी।












