( उजला दर्पण सीनियर रिपोर्टर रामगोपाल सिंह )
मध्य प्रदेश में अब गाड़ियों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को लेकर नियम सख्त हो गया है। अगर आपने अपनी गाड़ी में 3 महीने के अंदर यह नहीं लगवाया तो कई सारी सेवाएं आपको नहीं मिल पाएंगी
भोपाल हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद विभाग ने इस अभियान को प्राथमिकता में रखते हुए 3 महीने में पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य
इस मामले में परिवहन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना एचएसआरपी नंबर प्लेट वाले वाहन मालिक अब कोई भी परिवहन संबंधी महत्वपूर्ण कार्य नहीं करा पाएंगे। जिन वाहनों में यह नंबर प्लेट नहीं लगी है उनके पीयूसी, फिटनेस सर्टिफिकेट, आरसी बदलाव, परमिट नवीनीकरण और अन्य सेवाएं ठप हो जाएंगी। यह प्रक्रिया आसान है और ऑनलाइन बुकिंग के बाद तय समय पर नंबर प्लेट लगाई जा सकती है।
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने की प्रक्रिया
बता दें कि एचएसआरपी नंबर प्लेट हाई-क्वालिटी, टेम्पर-प्रूफ होती है और इसमें एक यूनिक लेजर-कोड होता है, जिससे चोरी या फर्जी नंबर प्लेट लगाने जैसी घटनाएं नियंत्रित होती हैं। साथ ही यह सड़क पर लगे कैमरों से वाहन की सही पहचान में मदद करती है, जिससे यातायात नियमों का पालन और अपराध नियंत्रण आसान हो जाता है। अगर किसी भी व्यक्ति का वाहन भोपाल में रजिस्टर्ड है और उसमें अब तक एचएसआरपी लगाने की प्रक्रिया बहुत आसान है। अधिकृत डीलर या परिवहन कार्यालय में जाकर तुरंत नंबर प्लेट लगवाया जा सकता है।
कैसे करता है काम ?
एचएसआरपी नंबर प्लेट एक होलोग्राम स्टिकर है। इस पर वाहन के चेसिस और इंजन के नंबर दर्ज होते हैं। इस खास तरह के स्टिकर को वाहन की नंबर प्लेट पर चिपकाया जाता है। प्लेट पर नंबर उभारकर बनाए जाते हैं, ताकि कोई उनमें छेड़छाड़ न करने पाए। इस पूरी प्लेट को वाहनों की सुरक्षा के लिहाज से तैयार किया गया है। एक बार प्लेट वाहन में फिट हो जाए तो उसे निकालना भी आसान नहीं हो पाता। इसमें HSRP नंबर को प्रेशर मशीन की मदद से लिखा जाता है। इस नंबर से वाहन की पूरी जानकारी सामने आ जाती है।











