अंगदान से नई ज़िंदगी: जबलपुर में सफल हार्ट, लिवर और किडनी का सफल प्रत्यारोपण

---Advertisement---

(उजला दर्पण समाचार जबलपुर)

( जबलपुर )  नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, में आज एक अनुकरणीय मानवता का उदाहरण देखने को मिला, जब एक ब्रेन डेड मरीज सतेंद्र यादव ने अंगदान कर तीन लोगों को नई ज़िंदगी देने का निर्णय लिया।

मरीज सतेंद्र यादव पुत्र श्री रोहिणी प्रसाद यादव, जो कि ग्राम बिछुआ, पोस्ट अतरिया, तहसील घंसौर, जिला सिवनी मध्यप्रदेश के निवासी है। सतेंद्र मोटरसाइकिल में सवार थे और दूसरे मोटरसाइकिल से सुपाताल मस्जिद के पास 4 अगस्त शाम 6 बजे टक्कर होने के कारण सिर में चोट आ गई और बेहोश हो गए। इसके 5 घंटे बाद 11 बजे परिवार जानो द्वारा मरीज को ,नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कालेज एवं हॉस्पिटल जबलपुर के मेडिकल इमरजेंसी यूनिट में में पहुंचाया गया। स्थिति में सुधार न होने के कारण 05 अगस्त को सुबह 5 बजे न्यूरोसर्जरी विभाग ने भर्ती कराया गया। एवं परिवार जानो से कंसेंट लेने के बाद शाम 8 बजे पहला एपनीए टेस्ट कराया गया 4 बजे दूसरा एपीएन टेस्ट कराया गया। एवं सोटो मध्यप्रदेश को जानकारी दी गई। नोटो द्वारा Thoa एक्ट की गाइडलाइन के अनुसार अंग को एलोकेट कर ब्रेन डेड घोषित किए गए मरीज के दिल (Heart) को हवाई मार्ग से अहमदाबाद भेजा गया, जबकि लीवर (Liver) को भोपाल स्थित अस्पताल में प्रत्यारोपण हेतु रवाना किया गया। इसके अतिरिक्त, एक किडनी का प्रत्यारोपण जबलपुर स्थित सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के एक जरूरतमंद मरीज को सफलतापूर्वक किया गया।

यह संपूर्ण प्रक्रिया मेडिकल कॉलेज के न्यूरो सर्जन, यूरोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट, एनेस्थेसिओलॉजिस्ट, न्यूरोलॉजिस्ट, ट्रांसप्लांट नोडल अधिकारी, प्रोग्राम कॉर्डिनेटर, ओटी स्टॉफ, नेफ्रोलॉजी स्टॉफ एवं अन्य कर्मचारी प्रशासन, ग्रीन कॉरिडोर में सहयोग देने वाले ट्रैफिक विभाग, और अंग प्रत्यारोपण समन्वयकों के आपसी तालमेल से समयबद्ध एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर बल दिया और अंगदाता परिवार के प्रति गहरी संवेदना एवं आभार प्रकट किया। उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रयास मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की एक बड़ी उपलब्धि है।

यह अंगदान न केवल चिकित्सा की दृष्टि से सफल रहा, बल्कि यह समाज के लिए एक प्रेरणास्पद संदेश भी है – “मृत्यु के बाद भी जीवन संभव है।”

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Comment