(उजला दर्पण सीनियर रिपोर्टर रामगोपाल सिंह उईके)
राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल के कारण पूरे मध्यप्रदेश में बुधवार को बैंक बंद रहेंगे
भोपाल आज बुधवार को केंद्र सरकार की श्रम एवं जन विरोधी नीतियों के खिलाफ 17 सूत्रीय मांगों को लेकर दस केंद्रीय श्रमिक संगठन और सैकड़ों स्वतंत्र ट्रेड यूनियनों के आव्हान पर देश भर के करोड़ों कर्मचारी और अधिकारी 9 जुलाई को हड़ताल पर जाएंगे।
बुधवार को हड़ताल के कारण बैंक, बीमा, राज्य, केंद्र, बीएसएनएल, इनकम टैक्स, पोस्ट ऑफिस, कोयला, रक्षा, आशा-उषा, आंगनवाड़ी, मध्याह्न भोजन कर्मी, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव खेत, खदान, खलिहान, भवन निर्माण, सामाजिक उपक्रमों एवं अन्य संस्थानों में कामकाज पूरी तरह से ठप्प रहेगा। ये दुनिया की सबसे बड़ी आम हड़तालों में से एक होगी।
इन मांगों को लेकर देशव्यापी हड़ताल
1,केंद्रीय श्रमिक संगठनों की मांग का निराकरण किया जाए।
2- सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और बीमा कंपनियों को मजबूत किया जाए।
3- एलआईसी और बैंकों में निजीकरण और विनिवेश रोके जाएं।
4- बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई को रोका जाए।
5- सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों को इकाई के रूप में विलय करें।
6- पर्याप्त भर्तियां सुनिश्चित की जाएं।
7- आउटसोर्स और अनुबंध वाली नौकरियों को रोकें।
8- एनपीएस को खत्म करें, ओपीएस को बहाल करें।
9- कॉर्पोरेट्स से खराब लोन वसूलने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।
10- आम नागरिकों के लिए बैकों में सेवा शुल्क कम करें।
11- जीवन और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर जीएसटी वापस लिया जाए।
12- जीवन और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर जीएसटी वापस लें।
13- श्रम संहिताओं को लागू न करें।
14- ट्रेड यूनियन अधिकारों का उल्लंघन न करें।
15- बैंक कर्मियों की लंबित मांगों का निराकरण जल्दी करें। साथ ही ऐसे कई मांगे हैं। जो बैंक कर्मियों के द्वारा की गई है।
मध्यप्रदेश बैंक एपलाइज एसो. उपाध्यक्ष प्रमोद चतुर्वेदी ने बताया जिले में समस्त राष्ट्रीयकृत बैंक कर्मचारियों द्वारा बैंक ऑफ इंडिया आनंद नगर आंचलिक कार्यालय के समक्ष 9 जुलाई को प्रात: 10.30 बजे सरकार की जन एवं श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा।












