"धरती आबा" बिरसा मुंडा: जंगलों से उठी एक गूंज

“धरती आबा” बिरसा मुंडा: जंगलों से उठी एक गूंज, जो आज भी जिन्दा है (09 जून शहीद दिवस पर विशेष)   — अंकित सेन (लेखक) की कलम से। 

  (उजला दर्पण सीनियर रिपोर्टर रामगोपाल सिंह उईके) झारखंड के उलीहातू गांव से उठी वो आवाज़, जिसने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी। उम्र ...