17 पटवारी निलंबित, 2 की वेतन वृद्धि रोकी, 164 को नोटिस
जबलपुर में लापरवाही पर प्रशासन का डंडा चला, रांझी तहसील में कब पड़ेगा?
जबलपुर। फार्मर रजिस्ट्री, बकेट क्लेम, पीएम किसान योजना, किसानों की ई-केवायसी और स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के निष्पादन जैसे महत्वपूर्ण शासकीय कार्यों में लापरवाही और अनुशासनहीनता पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिले की अलग-अलग तहसीलों में पदस्थ 17 पटवारियों को निलंबित, दो पटवारियों की दो-दो वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने तथा 164 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
प्रशासन की इस कार्रवाई से साफ है कि शासकीय कार्यों में लापरवाही अब केवल चेतावनी तक सीमित नहीं रहने वाली। निर्देशों के बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं होने और नोटिस के जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई।
लेकिन इस सख्ती के बीच एक सवाल अब भी खड़ा है—रांझी तहसील में कब पड़ेगा प्रशासन का डंडा?
जहां किसानों से जुड़े राजस्व कार्य, अभिलेखों का निष्पादन और अन्य शासकीय प्रक्रियाएं समय पर होना आम नागरिक की जरूरत है, वहां यदि लापरवाही या काम में ढिलाई की शिकायतें सामने आती हैं तो क्या रांझी तहसील भी प्रशासन की निगरानी और कार्रवाई के दायरे में आएगी?
जिले की अन्य तहसीलों में जब जिम्मेदारी तय कर निलंबन तक की कार्रवाई हो सकती है, तो रांझी तहसील के कामकाज की भी उसी पैमाने पर समीक्षा क्यों नहीं?
प्रश्न सीधा है—क्या कार्रवाई का डंडा सभी तहसीलों के लिए बराबर चलेगा या रांझी अभी भी इंतजार करती रहेगी?
अब निगाहें प्रशासन पर हैं कि रांझी तहसील में भी पटवारियों के लंबित कार्यों, किसानों की शिकायतों और राजस्व प्रकरणों की वास्तविक स्थिति की समीक्षा कब होती है और जिम्मेदारी तय होने पर कार्रवाई कब की जाती है।
जनता का सवाल है—17 पर कार्रवाई हुई, 164 को नोटिस मिला, तो रांझी तहसील की बारी कब?










