समय सीमा में काम पूरा करें, वरना कार्रवाई के लिए रहें तैयार
निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार का सख्त संदेश—लापरवाही और लेटलतीफी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं
निज प्रतिनिधि | जबलपुर
नगर निगम की कार्यप्रणाली में जवाबदेही और समयबद्धता को लेकर निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट एवं सख्त संदेश दिया है कि शासन की योजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मंगलवार को आयोजित समीक्षा बैठक में निगमायुक्त ने विभिन्न विभागीय कार्यों, शासन की प्राथमिक योजनाओं, सीएम हेल्पलाइन तथा राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की।
बैठक में निगमायुक्त ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि हर कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा होना चाहिए। फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने, शिकायतों के निराकरण में देरी करने अथवा योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारी अब कार्रवाई से बच नहीं पाएंगे।
निगमायुक्त अहिरवार ने स्पष्ट किया कि जनता से जुड़े मामलों में देरी केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि जनता के प्रति जवाबदेही में कमी है। इसलिए सीएम हेल्पलाइन सहित शासन की प्राथमिक योजनाओं से संबंधित मामलों का गंभीरता से निराकरण किया जाए और प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाए।
काम चाहिए, सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं
निगमायुक्त की कार्यशैली में सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने अधिकारियों को केवल निर्देश देने के बजाय जमीनी स्तर पर परिणाम दिखाई देने की अपेक्षा जताई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं की समीक्षा का उद्देश्य केवल बैठक और कागजी खानापूर्ति नहीं, बल्कि आम नागरिकों को उसका वास्तविक लाभ पहुंचाना है।
उन्होंने विभागवार प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन कार्यों में लक्ष्य निर्धारित हैं, उन्हें समय पर पूरा किया जाए। लंबित प्रकरणों की नियमित निगरानी की जाए और अनावश्यक देरी के लिए जिम्मेदारी तय की जाए।
लापरवाही मिली तो होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
निगमायुक्त ने बैठक में यह भी स्पष्ट कर दिया कि समय सीमा का उल्लंघन और काम में लापरवाही करने वालों के प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की वजह से शासकीय कार्य प्रभावित होता है या जनता को अनावश्यक परेशानी होती है तो संबंधित के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उनका सख्त रुख नगर निगम की प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निगमायुक्त के निर्देशों से साफ है कि अब बहाने नहीं, परिणाम चाहिए और काम में देरी को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
जनहित को प्राथमिकता देने पर जोर
समीक्षा बैठक में निगमायुक्त ने अधिकारियों को शासन की प्राथमिक योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर निगम की जिम्मेदारी केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना भी है।
निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार का सख्त और परिणामोन्मुखी रवैया इस बात का संकेत है कि नगर निगम में अब कामकाज को केवल फाइलों और बैठकों तक सीमित रखने के बजाय समयबद्ध परिणाम पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों को भी स्पष्ट संदेश मिल चुका है—काम समय पर पूरा करें, जिम्मेदारी निभाएं और जनता को राहत दें, वरना कार्रवाई के लिए तैयार रहें।










