बड़वानी में 1 तहसीलदार, 2 पटवारी समेत 7 अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई, रांझी तहसील की अंधेरगर्दी का शिकार 74 वर्षीय बुजुर्ग अब भी इंतजार में

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CM साहब, जबलपुर में कब होगा ऐसा ताबड़तोड़ एक्शन?

बड़वानी में 1 तहसीलदार, 2 पटवारी समेत 7 अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई, रांझी तहसील की अंधेरगर्दी का शिकार 74 वर्षीय बुजुर्ग अब भी इंतजार में

 

जबलपुर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़वानी में मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के दौरान जनता की शिकायतों पर जिस तरह तत्काल जवाबदेही तय कर लापरवाह अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए, उससे प्रशासनिक हलकों में स्पष्ट संदेश गया है कि जनता के काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

 

लेकिन इसी कार्रवाई के बाद जबलपुर की जनता के मन में एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है—CM साहब, जबलपुर में ऐसा ताबड़तोड़ एक्शन कब होगा?

 

रांझी तहसील की अंधेरगर्दी का शिकार 74 वर्षीय बुजुर्ग

 

रांझी तहसील की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यहां एक 74 वर्षीय बुजुर्ग अपने राजस्व संबंधी मामले को लेकर परेशान बताए जा रहे हैं। उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री लगातार अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं कि आम नागरिकों को अपने अधिकारों और शासकीय सेवाओं के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

 

सवाल यह है कि यदि एक बुजुर्ग व्यक्ति को अपने वैधानिक काम के लिए लगातार परेशान होना पड़े, तो फिर मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का वास्तविक लाभ आम जनता तक कैसे पहुंचेगा?

 

बड़वानी में वर्षों की देरी पर कार्रवाई, जबलपुर में जिम्मेदारी कब?

 

बड़वानी में मुख्यमंत्री ने एक नामांतरण प्रकरण में लगभग छह वर्ष की देरी को गंभीरता से लेते हुए संबंधित तत्कालीन तहसीलदार और दो पटवारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना में किश्त मिलने में देरी पर दो सीएमओ और एक सहायक यंत्री को भी निलंबित करने के निर्देश दिए गए।

 

संबल योजना की सहायता में देरी के मामले में भी तत्कालीन जनपद सीईओ के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

 

मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान होगा, लेकिन लापरवाही करने वाले अधिकारी-कर्मचारी दंडित होंगे।

 

रांझी में भी हो लंबित मामलों की समीक्षा

 

अब जरूरत है कि जबलपुर प्रशासन भी रांझी तहसील में लंबित राजस्व प्रकरणों की गहन समीक्षा करे। विशेषकर 74 वर्षीय बुजुर्ग के मामले में यह सामने आना चाहिए कि उनका प्रकरण किस स्तर पर लंबित है, देरी का कारण क्या है और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

 

जनता को केवल फाइलों की स्थिति नहीं, न्याय चाहिए।

 

CM साहब, जनता पूछ रही है सवाल

 

बड़वानी में मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ता से सीधे संवाद कर मौके पर जिम्मेदारी तय की। अब जबलपुर की जनता भी उम्मीद कर रही है कि मुख्यमंत्री के जन-विश्वास अभियान की इसी भावना का असर रांझी तहसील में दिखाई देगा।

 

CM साहब, बड़वानी में लापरवाही पर निलंबन हो सकता है तो जबलपुर में कब होगी जिम्मेदारी तय?

 

74 वर्षीय बुजुर्ग को न्याय कब मिलेगा?

 

रांझी तहसील की कथित अंधेरगर्दी पर प्रशासन की नजर कब पड़ेगी?

जनता अब आश्वासन नहीं चाहती—समय-सीमा में समाधान और लापरवाही पर ठोस कार्रवाई चाहती है।

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