जबलपुर। शहर की बढ़ती जल आवश्यकता और घटते जल स्रोतों के बीच प्रत्येक नागरिक तक निर्बाध एवं स्वच्छ पेयजल पहुंचाना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी संकल्प के साथ नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने शुक्रवार को जल विभाग कार्यालय पहुंचकर पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जलापूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ सुनिश्चित करे।
समीक्षा बैठक में शहर के सभी जोनों और वार्डों में पेयजल वितरण की स्थिति, जलापूर्ति का समय, पाइप लाइनों में जलदाब, टैंकरों के संचालन, वितरण मार्ग तथा जलापूर्ति से जुड़ी तकनीकी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्य पाइप लाइनों में लीकेज, अवैध जल कनेक्शन और अन्य तकनीकी खामियों का तत्काल निराकरण किया जाए, ताकि नागरिकों को बिना किसी बाधा के नियमित जलापूर्ति मिलती रहे।
बैठक में परियट जलाशय की वर्तमान स्थिति पर भी विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया। जलाशय में घटते जलस्तर के बावजूद शहर की जलापूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए 25 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम लगातार दिन-रात कार्य कर रही है। आधुनिक मशीनों और पारंपरिक ड्रेजिंग तकनीकों के माध्यम से पानी को पंपिंग स्टेशन के समीप बनाए रखने का कार्य किया जा रहा है, जिससे जल शोधन संयंत्रों तक पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंच सके और शहर की जलापूर्ति निर्बाध बनी रहे।
निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने जल विभाग के अभियंताओं एवं जोनल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे कार्यालयों तक सीमित रहने के बजाय अधिक से अधिक समय फील्ड में बिताएं। उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का वास्तविक समाधान स्थल पर पहुंचकर ही संभव है। इसलिए प्रत्येक शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना सभी अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। समीक्षा के दौरान निगमायुक्त ने केवल पेयजल व्यवस्था ही नहीं, बल्कि फायर ब्रिगेड, अतिक्रमण शाखा, बाजार प्रबंधन, स्वास्थ्य विभाग एवं सीएम हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली की भी गहन समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने, जनसुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर निगम की कार्यशैली का उद्देश्य केवल समस्याओं का समाधान करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्थाएं विकसित करना है, जिनसे नागरिकों को कठिनाइयों का सामना ही न करना पड़े। पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और इसे निर्बाध रूप से उपलब्ध कराना नगर निगम की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
बैठक में जल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने शहरवासियों को पर्याप्त एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने तथा नगर निगम की सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने का भरोसा दिलाया।










