जबलपुर। एक ओर नगर निगम आयुक्त द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में जबलपुर को देश में नंबर वन बनाने के लिए लगातार दिन-रात मेहनत की जा रही है। पूरे शहर में स्वच्छता को लेकर व्यापक अभियान चलाया जा रहा है और उसके सकारात्मक परिणाम भी शहर में साफ तौर पर दिखाई दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर रानीताल मुक्तिधाम के पास स्थित गार्बेज प्लांट की कार्यप्रणाली पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं।
स्थानीय लोगों एवं सूत्रों के अनुसार उक्त गार्बेज प्लांट शाम के समय लंबे अंतराल तक बंद रहता है, जिससे कचरा लेकर आने वाले लोग परेशान होते हैं। जानकारी के अनुसार जब संबंधित अधिकारी से इस संबंध में चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि गार्बेज प्लांट शाम 4 बजे से 8 बजे तक बंद रहता है और उसके बाद चालू किया जाता है। लेकिन रात 8 बजे से लेकर साढ़े 8 बजे तक इंतजार करने के बावजूद प्लांट चालू नहीं हुआ।
इसके बाद प्लांट प्रभारी सचिन जैन से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि प्लांट साढ़े 7 बजे तक चालू हो जाता है। वहीं सूत्रों का दावा है कि प्लांट प्रतिदिन रात लगभग 9 बजे के बाद ही संचालित होता है। अलग-अलग जिम्मेदार अधिकारियों के अलग-अलग बयान अब व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह खड़े कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम के समय कई लोग एवं वाहन चालक कचरा लेकर पहुंचते हैं, लेकिन प्लांट बंद मिलने पर मजबूरी में कुछ लोग वहीं खुले मैदान में कचरा फेंककर चले जाते हैं, जबकि कुछ वाहन चालक आसपास के क्षेत्रों में कचरा डाल देते हैं। इससे स्वच्छता अभियान की मंशा प्रभावित हो रही है और क्षेत्र में गंदगी फैलने का खतरा बढ़ रहा है।
एक तरफ नगर निगम द्वारा शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर गार्बेज प्लांट के संचालन समय को लेकर बनी असमंजस की स्थिति एवं लापरवाही स्वच्छता व्यवस्था को कमजोर कर रही है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक संचालन समय और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय किया जाना आवश्यक प्रतीत होता है।










