क्या प्रथम अपीलीय अधिकारी की सुनवाई सिर्फ एक औपचारिकता बनकर रह गई है?
सूचना के अधिकार के तहत जब कोई आवेदक प्रथम अपील करता है, तो उसके मन में एक ही उम्मीद होती है—उसे समय पर, स्पष्ट और सही जानकारी मिलेगी। लेकिन हकीकत में अक्सर देखा जा रहा है कि प्रथम अपीलीय अधिकारी की सुनवाई केवल कागज़ी प्रक्रिया बनकर रह जाती है।
निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद महीनों में जवाब आता है। और कई बार जवाब में साफ लिख दिया जाता है—“यह विषय हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं है” या फिर अधूरी व भ्रामक जानकारी देकर मामला टाल दिया जाता है। सवाल यह है कि यदि अपील के बाद भी सही जानकारी नहीं मिलती, तो आम नागरिक न्याय की उम्मीद किससे करे?
प्रथम अपीलीय अधिकारी का आदेश विभाग पर बाध्यकारी होना चाहिए, लेकिन जब उन्हीं के आदेशों का पालन नहीं होता, तो यह पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है।
अब बड़ा प्रश्न यह है—आखिर आयुक्त महोदय इस पर कब संज्ञान लेंगे?
क्या सूचना का अधिकार सिर्फ औपचारिकता बनकर रह जाएगा, या वास्तव में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी?
प्रथम अपील अधिकारी के आदेश की अवहेलना पर निगम आयुक्त लेंगे संज्ञान या नहीं
Updated On: March 11, 2026 7:03 pm
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