एक कलेक्टर ऐसा भी, जो जनता के दिल में बसता है

दतिया।
कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखड़े ने आज आयोजित समय-सीमा (टीएल) बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के कार्यों और योजनाओं की प्रगति की विस्तृत एवं गहन समीक्षा की। बैठक का उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर आम नागरिकों तक पहुँचाना और लंबित मामलों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना रहा।
कलेक्टर श्री वानखड़े ने विभागवार सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक समाधान समय-सीमा में किया जाए, ताकि आमजन को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री और पट्टा सर्वेक्षण की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्य में तेजी लाने तथा पात्र किसानों को शीघ्र लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
बैठक में पीएम स्वनिधि योजना 2.0 के अंतर्गत हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति एवं वितरण की स्थिति पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने कहा कि स्वरोजगार से जुड़े छोटे व्यापारियों को योजना का अधिकतम लाभ दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके साथ ही समग्र केवाईसी के लंबित प्रकरणों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी पात्र हितग्राही को योजनाओं से वंचित न रहना पड़े।
कलेक्टर ने लोकसेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित आवेदनों की पेंडेंसी पर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता से जुड़े कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं संकल्प से समाधान अभियान के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के शीघ्र एवं प्रभावी निराकरण पर भी विशेष जोर दिया गया।
बैठक में लंबित अवमानना प्रकरणों एवं विभिन्न अंतर्विभागीय मुद्दों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री वानखड़े ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए प्रकरणों का समय पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने यह भी कहा कि प्रशासन का मूल उद्देश्य जनता की समस्याओं का समाधान करना है और यही सुशासन की असली पहचान है। उनकी कार्यशैली, सख्त निगरानी और संवेदनशील दृष्टिकोण के चलते वे जिले में “एक कलेक्टर ऐसा भी, जो जनता के दिल में बसता है” की छवि को साकार कर रहे हैं।









