संजय टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में युवा सप्ताह ‘उत्कर्ष–2026’ का भव्य समापन, युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए किया गया प्रेरित

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जयपुर।  संजय शिक्षण प्रशिक्षण महाविद्यालय, जयपुर में आयोजित युवा सप्ताह ‘उत्कर्ष–2026’ का समापन समारोह 12 जनवरी 2026 को अत्यंत गरिमामय एवं सांस्कृतिक वातावरण में संपन्न हुआ। एक सप्ताह तक चले इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं में आत्मविश्वास, नैतिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा। समापन अवसर पर शिक्षा, संस्कृति, योग, पर्यावरण संरक्षण और युवा चेतना से जुड़े विविध आयामों पर सार्थक संवाद देखने को मिला।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं मंगलाचरण के साथ हुआ, जिसने आयोजन को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. सुनीता मार्गव ने अतिथियों का स्वागत पौधारोपण के माध्यम से करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि युवा सप्ताह जैसे आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें समाज के प्रति संवेदनशील बनाते हैं।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से SDGs का सशक्त संदेश:

समारोह में महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत की गई विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। नृत्य, नाट्य और समूह गीतों के माध्यम से विद्यार्थियों ने सामाजिक सरोकारों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।


विशेष रूप से विचित्र वेशभूषा ड्रेस गतिविधि में छात्र–छात्राओं ने संयुक्त राष्ट्र के 17 सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को रचनात्मक स्वरूप में मंच पर प्रस्तुत कर दर्शकों को जागरूक किया। यह प्रस्तुति न केवल कलात्मक थी, बल्कि वैश्विक स्तर पर विकास, समानता और पर्यावरण संरक्षण की सोच को मजबूती से सामने लाने वाली रही।

योग, स्वास्थ्य और फिटनेस पर विशेष सत्र:

कार्यक्रम प्रतिवेदन का वाचन कार्यक्रम संयोजिका डॉ. रीटा झाझड़िया द्वारा किया गया। उन्होंने पूरे युवा सप्ताह के दौरान आयोजित गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी।


इस अवसर पर योग विशेषज्ञ डॉ. आर.पी. मुंदाल ने योग एवं प्राणायाम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में युवा यदि स्वस्थ रहेंगे, तभी वे राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का उन्होंने विशेष आह्वान किया।

‘युवा संवाद’ में राष्ट्र निर्माण पर हुआ सार्थक विमर्श:

युवा सप्ताह के अंतर्गत आयोजित ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम में आज का युवा और राष्ट्र निर्माण विषय पर गहन चर्चा की गई। प्रशिक्षणार्थियों ने अपने विचार साझा करते हुए बताया कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि युवाओं की सोच, आचरण और सहभागिता से संभव है।
संवाद के दौरान आत्मविश्वास, नैतिकता, कर्तव्यबोध और सामाजिक सहभागिता जैसे विषयों पर युवाओं ने बेबाकी से विचार रखे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि आज का युवा सजग, जागरूक और जिम्मेदार बनना चाहता है।

‘ज्ञान संगम’ और पर्यावरण संरक्षण का संदेश:

कार्यक्रम के अंतर्गत प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम ‘ज्ञान संगम’ का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृहद पौधारोपण एवं संरक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल के माध्यम से युवाओं को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने और सतत विकास के लिए योगदान देने का संदेश दिया गया।

मुख्य अतिथियों के प्रेरक संबोधन:

समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए विशिष्ट अतिथि डॉ. पूर्णिमा मिश्र, विभागाध्यक्ष, शिक्षा विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर ने अपने संबोधन में स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा—
“हम वही हैं, जो हम अपने विचार बनाते हैं।”
उन्होंने युवाओं से सकारात्मक सोच अपनाने, आत्मबल विकसित करने और समाज में बदलाव के वाहक बनने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की अगली कड़ी में मुख्य अतिथि प्रो. गडू शर्मा, अधिष्ठाता, शिक्षा संकाय, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर ने स्वामी विवेकानंद के प्रसिद्ध कथन—
“जब तक आप स्वयं पर विश्वास नहीं करते, तब तक ईश्वर पर विश्वास नहीं कर सकते”
का संदर्भ देते हुए युवाओं को आत्मनिर्भर, कर्तव्यनिष्ठ और सामाजिक रूप से जिम्मेदार बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे अहम है और शिक्षा के माध्यम से ही सशक्त समाज का निर्माण संभव है।

स्मृति चिह्न भेंट व आभार प्रदर्शन:

 

समारोह के समापन पर महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. सुनीता मार्गव द्वारा अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके पश्चात प्रो. रतन कुमार माहेश्वरी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, आयोजकों, विद्यार्थियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम की सफलता में संयोजिका डॉ. रीटा झाझड़िया एवं सह–संयोजिका डॉ. प्रियंका भास्कर रहीं, जिनके कुशल निर्देशन और समन्वय से युवा सप्ताह ‘उत्कर्ष–2026’ का आयोजन अत्यंत सफल, अनुकरणीय और प्रेरणादायी रहा।

युवा चेतना का सशक्त मंच बना ‘उत्कर्ष–2026’:

कुल मिलाकर संजय टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में आयोजित युवा सप्ताह ‘उत्कर्ष–2026’ न केवल एक औपचारिक कार्यक्रम रहा, बल्कि यह युवा चेतना, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र निर्माण की सोच को मजबूत करने वाला सशक्त मंच साबित हुआ। ऐसे आयोजन निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ी को जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते रहेंगे।

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