‘वीबी—जी राम जी’ ग्रामीण भारत के सपनों की नई उड़ान: मदन राठौड़

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गरीब को रोजगार और गांव का विकास भाजपा का लक्ष्य
गरीब के एक रुपये में से 85 पैसे खाने वाले मचा रहे हैं हाय-तौबा
विपक्ष को राम नाम से आपत्ति क्यों, 600 योजनाओं के नाम तो कांग्रेस ने बदले थे

जयपुर | भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष Madan Rathore ने ‘विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन’ (वीबी—जी राम जी) को लेकर विपक्ष द्वारा किए जा रहे विरोध पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। जयपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि यह कानून ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने और गरीब को स्थायी रोजगार देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, लेकिन कांग्रेस को इसमें भी राम नाम से आपत्ति हो रही है।

मदन राठौड़ ने कहा कि भाजपा ने इस योजना में ‘विकसित भारत’ की अवधारणा को जोड़ते हुए रोजगार और आजीविका को केंद्र में रखा है। यदि उद्देश्य गरीब कल्याण है, तो विपक्ष को नाम पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में योजनाओं के नाम बदलकर गांधी–नेहरू परिवार को खुश करने का काम किया। ग्रामीण रोजगार योजना से लेकर आवास और विद्युतीकरण तक, लगभग 600 योजनाओं के नाम बदले गए।

मोदी सरकार ने नाम नहीं, सेवा को प्राथमिकता दी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि Narendra Modi ने कभी भी योजनाओं का नाम अपने या किसी व्यक्ति के नाम पर नहीं रखा, बल्कि सेवा, संस्कृति और सनातन मूल्यों को महत्व दिया। राजपथ का नाम कर्तव्य पथ, राजभवन का लोकभवन और रेसकोर्स रोड का लोक कल्याण मार्ग करना इसी सोच का उदाहरण है। इसी तरह औपनिवेशिक कानूनों के नाम बदलकर भारतीय पहचान को सुदृढ़ किया गया।

सांसद निधि के दुरुपयोग का आरोप

मदन राठौड़ ने प्रदेश के कांग्रेस सांसदों पर सांसद निधि के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए निधि का बेजा इस्तेमाल किया गया। यह जनता के साथ धोखाधड़ी है। उन्होंने कहा कि सांसद निधि का उद्देश्य आम नागरिकों को राहत देना है, न कि राजनीतिक स्वार्थ साधना।

125 दिन की रोजगार गारंटी, भ्रष्टाचार पर सख्ती

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वीबी—जी राम जी योजना के तहत ग्रामीणों को अब 125 दिन की रोजगार गारंटी मिलेगी, जबकि पहले यह सीमा 100 दिन थी। अब ग्राम सभा स्वयं गांव की जरूरत के अनुसार कार्य तय करेगी—चाहे वह जल संरक्षण हो, बुनियादी ढांचा हो या आपदा प्रबंधन। भुगतान सीधे लाभार्थी के खाते में जाएगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।

उन्होंने कहा कि राजीव गांधी स्वयं स्वीकार कर चुके थे कि केंद्र से भेजे गए एक रुपये में से केवल 15 पैसे ही गरीब तक पहुंचते थे। आज वही लोग विरोध कर रहे हैं, जो जनता के हक का 85 पैसा खा जाते थे।

मनरेगा में घोटालों का जिक्र

मदन राठौड़ ने कांग्रेस शासनकाल में मनरेगा में हुए कथित घोटालों का उल्लेख करते हुए कहा कि तत्कालीन मंत्रियों ने खुद 300 करोड़ रुपये के घोटाले स्वीकार किए थे। फर्जी जॉब कार्ड, डुप्लीकेट मस्टर रोल और भुगतान में अनियमितताओं की लाखों शिकायतें दर्ज हुईं। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था में बायोमैट्रिक उपस्थिति, जियो टैगिंग, एआई तकनीक और सामाजिक ऑडिट अनिवार्य कर भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया जाएगा।

विकसित ग्राम पंचायत से विकसित भारत की ओर

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस कानून से न केवल जरूरतमंदों को रोजगार मिलेगा, बल्कि गांवों में आधारभूत संरचनाओं का निर्माण भी होगा। समय पर भुगतान, बेरोजगारी भत्ता और पारदर्शी व्यवस्था से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने दोहराया कि भारतीय जनता पार्टी गांव और गरीब के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और वीबी—जी राम जी उसी संकल्प का प्रतिबिंब है।

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