( उजला दर्पण रामगोपाल सिंह सीनियर रिपोर्टर मध्य प्रदेश )
बुदनी। जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) संगठन ने जिला सीहोर और देवास में रेलवे लाइन तथा राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए किसानों व आदिवासियों की भूमि अधिग्रहण के बदले वैधानिक पुनर्वास और उचित मुआवजा नहीं मिलने के विरोध में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। धरना बुधनी तहसील कार्यालय के सामने सोमवार को दोपहर 12 बजे से शुरू हुआ।
जयस जिला प्रभारी नर्मदापुरम अखिलेश इरपाचे ने बताया कि 12 दिसंबर 2025 को महामहिम मध्य प्रदेश राज्यपाल महोदय जी के नाम एक विस्तृत आवेदन दिया गया था, जिसमें भारतीय रेलवे एवं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम 2013 के प्रावधानों का पालन नहीं करने की शिकायत थी। प्रशासन की ओर से मौखिक आश्वासन के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई और न ही प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा मिला।
आदिवासियों का कहना है कि प्रभावित किसानों के लिए न तो पुनर्वास की व्यवस्था की गई और न ही पूर्ण पुनर्व्यवस्थापन का लाभ दिया गया, जबकि यह कानूनन अनिवार्य है। अधिकारियों ने अधूरे प्रकरणों के आधार पर मुआवजे की राशि का भुगतान किया, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।
मुख्य मांगें:
1 .रेलवे एवं राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में अधिग्रहित भूमि का कानून के अनुसार पूर्ण मुआवजा दिया जाए।
2. प्रभावित किसानों को धारा 31 के तहत पुनर्व्यवस्थापन का लाभ प्रदान किया जाए।
3. किसानों की सहमति के बिना भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए।
4. दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर वैधानिक कार्रवाई की जाए।
जयस नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक यह अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। आंदोलन को जिला व संभाग स्तर तक विस्तारित करने की चेतावनी भी दी गई है।
धरने में बंटी उइके (जयस सभाग अध्यक्ष भोपाल), धनीराम मरावी (जयस), गौरव इवने (जयस मीडिया प्रभारी), विमलेश अरबी (जनसत्ता पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष), मोहित उइके,मनीष उइके,राकेश परते, सौरभ उइके और अन्य समाज के संगठन पदाधिकारी शामिल हुए।









