गोंडवाना की बेटी श्रद्धा उईके ने राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप 2025 में रचा इतिहास 

---Advertisement---

(उजला दर्पण / सीनियर रिपोर्टर रामगोपाल सिंह ( म. प्र )

दिनांक 14 सितंबर 2025 को आंध्र प्रदेश के कुरनूल सिटी कन्वेंशन सेंटर आंध्र प्रदेश में आयोजित नेशनल कराटे चैंपियनशिप 2025 में भारतवर्ष के विभिन्न राज्यों — तेलंगाना, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड सहित अनेक प्रांतों से प्रतिभाग करने आए उदीयमान प्रतिभाओं के बीच गोंडवाना की तेजस्विनी बेटी, श्रद्धा उईके ने अपने अदम्य साहस, कठोर परिश्रम और अनुशासन के बलबूते सिल्वर रेड बेल्ट प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा की अमिट छाप छोड़ी है।

श्रद्धा उईके, जो वर्तमान में जबलपुर में निवासरत हैं, मूलतः जिला सिवनी के घंसौर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बरोदा के भदुआ टोला की निवासी हैं। स्वर्गीय सुहागलाल उईके व माता स्व .ज्योति उईके की सुपुत्री तथा श्री मोहन सिंह उईके की दत्तक संतान हैं। श्रद्धा इस समय 12वीं कक्षा में बायोलॉजी विषय की छात्रा हैं और उन्होंने यह गौरवपूर्ण उपलब्धि केवल खेल जगत में ही नहीं, अपितु सम्पूर्ण समाज में एक प्रेरणास्त्रोत के रूप में अर्जित की है।

श्रद्धा अपनी इस अभूतपूर्व उपलब्धि का सम्पूर्ण श्रेय अपनी मार्गदर्शिका व प्रशिक्षिका, आदरणीय रूपवती पटेल जी को देती हैं, जिन्होंने उन्हें अनुशासन, परिश्रम और आत्मबल की शिक्षा दी। श्रद्धा की सफलता के इस पावन क्षण में उनके परिवार का भी विशेष योगदान रहा — विशेष रूप से उनके दादा-दादी, बुआ-फूफा श्री प्रकाश – शकुन सरोते, जिन्होंने हमेशा उन्हें प्रेरित किया।

अपने जीवन के इस स्वर्णिम अध्याय में श्रद्धा अपने बड़े पापा-मम्मी श्री सोहन – माया उईके, और बड़े भैया-भाभी अमित-गणेशी, अंकित एवं आशीष के प्रोत्साहन और निरंतर सहयोग को भी हृदय से नमन करती हैं, जिनके विश्वास और स्नेह ने उन्हें यह मुकाम हासिल करने हेतु संबल प्रदान किया।

इस महान उपलब्धि के साथ श्रद्धा उईके ने न केवल अपने परिवार का नाम ऊँचा किया है, अपितु सम्पूर्ण गोंडवाना समाज को भी गर्व की अनुभूति कराई है। यह सिद्ध करता है कि यदि मन में संकल्प हो, मार्गदर्शन उत्तम हो और मेहनत ईमानदार हो — तो कोई भी शिखर दूर नहीं।

श्रद्धा को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ।

वह आने वाले समय में देश और समाज के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बनी रहें, यही हमारी कामना है।

“जहाँ चाह वहाँ राह — और श्रद्धा का हर राह एक इतिहास बनता जाए।”

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Comment