कैबिनेट बैठक में बड़े फैसले: राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025 को मंजूरी, AI और ग्रीन क्रेडिट पर फोकस
जयपुर, 30 दिसम्बर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के पर्यावरण, उद्योग, नवाचार और आधारभूत ढांचे से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025 को मंजूरी दी गई, वहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में निवेश और नवाचार को बढ़ावा देने, उद्यमों व शहरी निकायों के लिए ग्रीन क्रेडिट योजना लागू करने तथा राजस्थान रिफाइनरी परियोजना की संशोधित लागत को स्वीकृति दी गई। इन फैसलों का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ टिकाऊ और तकनीक आधारित विकास को गति देना है।
वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से होगी पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग
प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल ने बताया कि राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025 के तहत अपंजीकृत, अनफिट और प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। राज्य में रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (RVSF) को बढ़ावा दिया जाएगा, जहां स्क्रैपिंग प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और ट्रेस योग्य होगी। सभी प्रक्रियाएं वाहन पोर्टल से जुड़ी होंगी, जिससे स्क्रैप योग्य वाहनों के अवैध उपयोग की संभावना समाप्त होगी।
नए वाहन की खरीद पर कर में राहत
नीति के तहत 15 वर्ष से अधिक पुराने सरकारी वाहन, फिटनेस या पंजीकरण रहित वाहन, दुर्घटनाग्रस्त, क्षतिग्रस्त या कबाड़ घोषित वाहन स्क्रैप किए जा सकेंगे। अधिकृत स्क्रैप सेंटर से वाहन स्वामी को सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (COD) और सर्टिफिकेट ऑफ व्हीकल स्क्रैपिंग (CVS) जारी किए जाएंगे। COD के आधार पर नए वाहन की खरीद पर मोटर वाहन कर में 50 प्रतिशत तक, अधिकतम एक लाख रुपये की छूट मिलेगी। यह प्रावधान लोगों को स्वेच्छा से पुराने वाहन स्क्रैप कराने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
सर्कुलर इकॉनॉमी को मिलेगा बढ़ावा
स्क्रैप किए गए वाहनों के चैसिस नंबर के कट पीस को पहले छह माह स्क्रैपर द्वारा और उसके बाद 18 माह तक परिवहन विभाग द्वारा सुरक्षित रखा जाएगा। इस नीति से स्टील, एल्युमिनियम, प्लास्टिक और रबर जैसी सामग्री का पुनः उपयोग संभव होगा, जिससे ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को सस्ती कच्ची सामग्री उपलब्ध होगी और सर्कुलर इकॉनॉमी को मजबूती मिलेगी।
निवेश, AI और ग्रीन क्रेडिट पर भी फैसले
कैबिनेट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के जिम्मेदार, नैतिक और सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान को निवेश और नवाचार का केंद्र बनाने की दिशा में नीति को मंजूरी दी। इसके साथ ही उद्यमों और शहरी निकायों के लिए ग्रीन क्रेडिट योजना लागू करने का निर्णय लिया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहन मिलेगा। वहीं राजस्थान रिफाइनरी परियोजना की संशोधित लागत अब 79 हजार 459 करोड़ रुपये तय की गई है। इन फैसलों को राज्य के दीर्घकालिक विकास की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।










