(रामगोपाल सिंह /उजला दर्पण )
बालाघाट में टैंक टूटने के बाद दो अधिकारी निलंबित,बालाघाट में टैंक टूटने के बाद दो अधिकारी निलंबित
बालाघाट – मध्य प्रदेश में निर्माण कार्य की गुणवत्ता मिलने पर सख्त कार्रवाई की गई है। प्रदेश के बालाघाट जिलों में नल जल योजना की योजनाओं का विवरण सरकार ने निर्माण एजेंसी पर दर्ज करना शुरू कर दिया है। इस मामले में अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गाज गिरी है। दो वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश दिए गए हैं। इतना ही नहीं, रिटायर सेक्रेटरी पर भी कार्रवाई हो रही है। उनके विरोध में पेंशन के तहत कार्रवाई का प्रस्ताव बुलाया गया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अपर सचिव अभिषेक सिंह ने निलंबन की कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि निलम्बन आदेश जारी किये गये हैं।
बालाघाट के लांजी विकासखंड की ग्राम पंचायत बातेगांव में 28 अगस्त को प्लाजा बनवाया गया। नलजल योजना के तहत निर्मित 100 केएल क्षमता की इस उच्च श्रेणी की मछुआरा पंचायत को वैध किया गया था। ज्वालामुखी टूटने की घटना को चयन से लेते हुए विभाग ने जिम्मेदार एजेंसी और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की
बाजार निर्माण में गंभीर त्रुटियां सामने आने पर संबंधित एजेंसी के हितधारकों का रिकॉर्ड सामने आया है। इसका निर्माण मैसर्स रायसिंह और बालाघाट कंपनी द्वारा किया गया था। डिविजन स्तर पर भी हार्ड स्टेप्स लगाए गए उपयंत्री बाबल उद्दे और सहायक सहायक यंत्री एचके बागेश्वर को निलंबित कर दिया गया है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अपर सचिव अभिषेक सिंह ने बताया कि निलंबन के आदेश जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी सॉल्वेंसी में किसी भी स्तर पर अवलोकन नहीं किया जाएगा। कठोरतम कार्रवाई की जाएगी पर परीक्षण जाने।
सेवानिवृत्त पेंशनधारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई करने की तकनीक है।
मामले में कार्यपालन यंत्र और अन्य सहायक यंत्र यंत्र जो वर्तमान में सेवानिवृत्त हैं, उनके पेंशन धारकों के लिए कार्रवाई के तहत मुख्य पदों से प्रस्ताव जारी किए गए हैं।












