सतना PWD में ‘टाइम ट्रैवल’: कार्यपालन यंत्री महोदय ने ‘भविष्य’ (जून 2026) से भेजा ‘वर्तमान’ में नोटिस!
“अफसर की ‘दूरदृष्टि’ या हड़बड़ी? फरवरी की गलती पर जून की तारीख में मंगा जवाब”
सतना । लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यपालन यंत्री (EE) महोदय संभवतः ‘त्रिकालदर्शी’ हो गए हैं। उनकी कार्यशैली इतनी “एडवांस” है कि वे आज (फरवरी) में बैठकर जून 2026 के दस्तावेज साइन कर रहे हैं। मामला रैगांव विधानसभा में राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी द्वारा किए गए एक सड़क के भूमिपूजन से जुड़ा है, जहाँ प्रोटोकॉल के नाम पर SDO को नोटिस तो थमाया गया, लेकिन हड़बड़ी में साहब कैलेंडर ही भूल गए।
‘ टाइम मशीन’ वाला नोटिस:
कार्यपालन यंत्री बी.आर. सिंह द्वारा SDO ए.के. निगम को जारी कारण बताओ नोटिस चर्चा का विषय बन गया है।
*घटना: 6 फरवरी 2026।
नोटिस जारी दिनांक: 07/06/2026 (यानी आज से 4 महीने बाद!)।*
अब सवाल यह है कि क्या ईई साहब ने जून की तपती गर्मी में बैठकर यह नोटिस टाइप किया और उसे ‘टाइम मशीन’ से फरवरी में भेज दिया? या फिर SDO पर कार्यवाही करने की इतनी जल्दी थी कि ‘महीना’ देखने की फुर्सत ही नहीं मिली?
“भविष्य दिखता है, पर मंत्री का दौरा कार्यक्रम नहीं!”
इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा विरोधाभास (Irony) ईई साहब की ‘नजर’ का है:
उन्हें 4 महीने आगे (जून 2026) की तारीख साफ दिखाई दे रही है।
लेकिन उन्हें 2 दिन पहले (5 फरवरी) जारी हुआ माननीय राज्यमंत्री जी का ‘दौरा कार्यक्रम’ दिखाई नहीं दिया!
जबकि राज्यमंत्री कार्यालय ने 5 फरवरी को ही लिखित में बता दिया था कि 12:15 बजे नागौद-सिंहपुर रोड का भूमिपूजन है। इसके बावजूद नोटिस में लिखा गया कि “वरिष्ठ अधिकारियों को संज्ञान में नहीं लाया गया।” अब जो अधिकारी 4 महीने आगे का देख सकता है, वह अपनी ही टेबल पर रखा मंत्री जी का कार्यक्रम कैसे नहीं देख पाया?
*हड़बड़ी में गड़बड़ी:*
सूत्रों की मानें तो यह नोटिस “प्रोटोकॉल प्रेम” कम और “आनन-फानन की कार्यवाही” ज्यादा लग रही है। नोटिस में साहब ने यह तो पूछ लिया कि “अनुमोदन क्यों नहीं लिया?”, लेकिन खुद यह नहीं सोचा कि “जून के नोटिस का जवाब फरवरी में कैसे पढ़ेंगे?”
*जनता का सवाल:*
सतना की जनता अब कन्फ्यूज है कि PWD विभाग सड़कें बनाता है या पंचांग (Calendar)? अगर अधिकारी तारीखों में इतना बड़ा ‘घोटाला’ कर सकते हैं, तो सड़कों की ‘गुणवत्ता’ में क्या करते होंगे, यह भगवान ही मालिक है।
फिलहाल, SDO साहब सोच में हैं कि जवाब “आज” दें या “जून” का इंतजार करें?

इसे कहते हैं ‘विनाश काले विपरीत बुद्धि’। एक तरफ मंत्री जी के कार्यक्रम की अनदेखी और दूसरी तरफ नोटिस पर भविष्य की तारीख—इसे कहते हैं “डबल इंजन” की लापरवाही।










