जयपुर, 18 दिसंबर। कपिल ज्ञानपीठ, जयपुर के वार्षिक समारोह ‘अभिव्यक्ति-ए ग्लोबल ओडिसी’ में विद्यार्थियों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह नैतिक मूल्यों, सृजनात्मक सोच, वैश्विक दृष्टिकोण और आत्म-अभिव्यक्ति के माध्यम से संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास करती है। यह भव्य आयोजन बिडला ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत कपिल ज्ञानपीठ के डायरेक्टर मनोज मोदी ने की। उन्होंने मुख्य अतिथि संदीप सिंह चौहान, आईपीएस, इन्स्पेक्टर जनरल, जयपुर का स्वागत एवं अभिनंदन किया। इसके पश्चात स्कूल की प्रिंसिपल प्रीति माथुर ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए शैक्षणिक उपलब्धियों, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों, नवाचारों और विद्यार्थियों की सर्वांगीण प्रगति का विस्तृत विवरण साझा किया।
संस्थान के अध्यक्ष एन. के. मोदी ने विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन, आत्मविश्वास और रचनात्मक प्रस्तुतियों की सराहना की। मुख्य अतिथि संदीप सिंह चौहान ने छात्रों की प्रतिभा और मंच पर उनकी सशक्त उपस्थिति की प्रशंसा करते हुए उन्हें बड़े सपने देखने, नैतिक मूल्यों से जुड़े रहने और समाज के लिए सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
संस्कृतियों और अभिव्यक्ति का सजीव उत्सव
‘अभिव्यक्ति-ए ग्लोबल ओडिसी’ की थीम पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। संगीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्रों ने वैश्विक विविधता, विभिन्न संस्कृतियों की विरासत और रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों में कौशल के साथ-साथ संवेदनशीलता, सौंदर्यबोध और सामाजिक संदेश स्पष्ट रूप से झलकता नजर आया।
कार्यक्रम का समापन मैनेजिंग कमेटी सदस्य डी. डी. अग्रवाल के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसके बाद राष्ट्रगान गाया गया। समारोह ने यह स्पष्ट किया कि शिक्षा जब संस्कारों और मूल्यों से जुड़ती है, तभी वह समाज और राष्ट्र निर्माण में सार्थक भूमिका निभाती है।










