दंपति का घर फिर बसाः लोक अदालत में गले मिल एक-दूसरे का फिर थामा हाथ, जज के सामने बने हमसफर 

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( उजला दर्पण सीनियर रिपोर्टर रामगोपाल सिंह उईके )

दतिया कहते हैं कि अपनों से बिछड़ने का दुःख काफी होता है जिसमें कई परिवार भी टूट जाते हैं कोई अपनों को खो देता है तो कोई खोकर भी फिर नहीं मिल पाता। दतिया लोक अदालत में एक ऐसा मामला आया जिसमें दो दंपति को लोक अदालत ने दोनों की सहमति से एक कर दिया और अब दोनों दंपति परिवार राजी खुशी से एक साथ जिंदगी बसर करेंगे।

न्यायालय ने हमें एक कर दिया

नेशनल लोक अदालत में दंपति ने बताया कि बिछड़ने के बाद हम लोग एक दूसरे के बगैर नहीं रह पा रहे थे। हमें काफी दुख होता था लेकिन न्यायालय ने हमें एक कर दिया और हम अब एकसाथ रहेंगे।

बार-बार दहेज की मांग करना

दरअसल ज्योति पत्नी गोलू निवासी बिलारी खुर्द थाना बडोनी तकरीबन एक माह से अपने पति से अलग रह रही थी अलग रहने का कारण था कि पति द्वारा बार-बार दहेज की मांग करना। आये दिन लड़ाई करना, इसी लड़ाई के चलते दोनों में मतभेद पैदा हो गए और दोनों अलग हो गए थे।

अलग होने की नौबत आ गई

दहेज जैसे अभिशाप के चलते वंदना पत्नी सोनू के बीच में अक्सर विवाद की स्थिति बनती थी। दहेज के कारण दोनों परिवार में अलग होने की नौबत आ गई। फिर वंदना ने न्यायालय की शरण ली और न्यायालय ने उन्हें एक साल बाद न्याय दिया और दोनों परिवारों को एक यक्ष कर दिया। अदालत में अनुज सिंह बुंदेला और अरुण अहिरवार एडवोकेट मौजूद थे।

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