गीता ज्ञान से जीवन में संतुलन, सुरक्षा और सकारात्मक परिवर्तन का संदेश

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राजयोगिनी वीणा दीदी के उद्बोधन से भावविभोर हुए श्रोता, गीता ज्ञान शिविर के दूसरे दिन उमड़ा जनसैलाब

 जयपुर, अजय सिंह (चिंटू)ब्रह्माकुमारीज़ जयपुर सबज़ोन के तत्वावधान में वैशाली नगर स्थित प्रभु निधि सभागार एवं शास्त्री नगर के जनोपयोगी भवन में आयोजित त्रिदिवसीय गीता ज्ञान शिविर के दूसरे दिन का आयोजन अत्यंत प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ। बड़ी संख्या में शहरवासियों की सहभागिता से सभागार आध्यात्मिक ऊर्जा, सकारात्मक चिंतन और शांति के भाव से परिपूर्ण नजर आया।

दूसरे दिन के कार्यक्रम में जयपुर के पूर्व विधायक एवं प्रथम महापौर मोहनलाल गुप्ता, आईजी रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (एनडब्ल्यूआर) ज्योति कुमार सतीजा, विश्व हिंदू परिषद दुर्गावाहिनी प्रांत सह संयोजिका डॉ. आशा लता, जयपुर सबज़ोन प्रभारी राजयोगिनी सुषमा दीदी तथा मुख्य वक्ता राजयोगिनी वीणा दीदी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

गीता ज्ञान से जीवन में वास्तविक परिवर्तन

मुख्य वक्ता राजयोगिनी वीणा दीदी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि गीता का ज्ञान व्यक्ति के विचारों, दृष्टिकोण और निर्णय क्षमता को सकारात्मक दिशा देता है। जब मन शुद्ध और स्थिर होता है, तब जीवन में शांति, साहस और संतुलन स्वाभाविक रूप से स्थापित हो जाता है। उन्होंने कहा कि गीता केवल सुनने का विषय नहीं, बल्कि जीवन में उतारने योग्य व्यावहारिक आध्यात्मिक विज्ञान है, जो व्यक्ति को आत्मिक रूप से सशक्त बनाता है और जीवन को सुरक्षित तथा उद्देश्यपूर्ण बनाता है।

निष्काम कर्म और आत्मिक जागृति का मार्ग

जयपुर सबज़ोन प्रभारी राजयोगिनी सुषमा दीदी ने गीता के मूल संदेश पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आत्मिक जागृति और निष्काम कर्म ही श्रेष्ठ जीवन का आधार हैं। जब व्यक्ति ईश्वर स्मृति में रहकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करता है, तो उसका व्यक्तिगत जीवन ही नहीं, बल्कि समाज भी सशक्त और सकारात्मक बनता है।

अनुशासन, सेवा और विवेक का आधार

आईजी आरपीएफ ज्योति कुमार सतीजा ने कहा कि गीता का ज्ञान अनुशासन, संयम और सेवा भावना को मजबूत करता है। कठिन परिस्थितियों में भी विवेकपूर्ण निर्णय लेने और मानसिक संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा गीता से मिलती है, जो आज के तनावपूर्ण जीवन में अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम के दौरान सभी वक्ताओं ने गीता ज्ञान को आधुनिक जीवनशैली से जोड़ते हुए इसके व्यावहारिक पक्ष को सरल उदाहरणों के माध्यम से प्रस्तुत किया, जिससे श्रोतागण भावविभोर हो उठे।

दूसरा दिन सफल, कल होगा समापन

वैशाली नगर केंद्र प्रभारी राजयोगिनी चंद्रकला दीदी एवं बनीपार्क केंद्र प्रभारी राजयोगिनी लक्ष्मी दीदी ने बताया कि गीता ज्ञान शिविर का दूसरा दिन अत्यंत सफल रहा। नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर आत्मिक उत्थान और जीवन परिवर्तन की प्रेरणा प्राप्त की। त्रिदिवसीय शिविर का समापन कल अंतिम दिन शांति संदेश एवं सकारात्मक संकल्प के साथ किया जाएगा।

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