सरिस्का में होटल-रिसॉर्ट हटने की बातें पूरी तरह निराधार: होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन सरिस्का, अलवर ने किया भ्रामक खबरों का खंडन

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जयपुर, होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन सरिस्का, अलवर ने हाल ही में भ्रामक खबरों का खंडन किया जिसमें सरिस्का के निकट बने होटल्स और रिसॉर्ट्स को हटाने की बातें की जा रही थी। बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में विशेषज्ञों और होटल व्यवसायियों ने एक स्वर में कहा कि यह खबरें पूरी तरह निराधार हैं और इससे पर्यटकों और व्यवसायियों में अनावश्यक भय उत्पन्न हो रहा है।

पर्यटन और वन राजस्थान की जीवन रेखा

राजस्थान की अर्थव्यवस्था में पर्यटन का महत्वपूर्ण स्थान है। इसे उद्योग का दर्जा दिया गया है और वन्य जीवन पर्यटन से 20-25 प्रतिशत राजस्व प्राप्त होता है। इस संदर्भ में, होटल्स और रिसॉर्ट्स का होना अत्यावश्यक है क्योंकि ये पर्यटकों के ठहरने की प्रमुख सुविधा प्रदान करते हैं।

भ्रामक खबरें और उनका प्रभाव

भ्रामक खबरों के कारण पर्यटकों के कदम राजस्थान की ओर रुकने लगे हैं, जिससे न केवल राज्य की छवि को नुकसान पहुंच रहा है बल्कि आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। होटल एसोसिएशन टहला, सरिस्का के अध्यक्ष गजेन्द्र सिंह पंवार ने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा सेंचुरी का मास्टर प्लान तैयार करने की योजना है, लेकिन इससे वहां मौजूद होटल्स को कोई खतरा नहीं है।

कानूनी और प्रशासनिक दृष्टिकोण

एडवोकेट डॉ. भगवान सिंह नाथावत ने सुप्रीम कोर्ट और अन्य राज्यों की हाईकोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा अभी तक ईको सेंसिटिव जोन का कोई मापदंड तैयार नहीं किया गया है। जब भी मास्टर प्लान तैयार होगा, पहले से हुए निर्माण को गैरकानूनी ठहराना न्यायोचित नहीं है। तृप्ति पांडे ने कहा कि विदेशों में भी सुविधा से ही पर्यटकों को सुखद अनुभव प्रदान किया जाता है और यह तथ्य सरिस्का के लिए भी लागू होता है।

पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण

रणथंभौर और सरिस्का सेंचुरी के फिल्ड डायरेक्टर रहे रघुवीर सिंह शेखावत ने कहा कि पर्यटकों के आने से वन्यजीवों को कोई नुकसान नहीं होता, बल्कि इससे वन क्षेत्र का रख-रखाव बेहतर तरीके से होता है।

स्थानीय रोजगार और आर्थिक लाभ

एफएचटीआर अध्यक्ष कुलदीप सिंह चंदेला ने कहा कि पर्यटन के बढ़ने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है और आर्थिक लाभ होता है। भ्रामक खबरों से निवेश और रोजगार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

होटल व्यवसाय की वैधता

एफएचटीआर के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सुरेन्द्र सिंह शाहपुरा ने कहा कि होटल व्यवसाय पूरी तरह वैध है और इसे अतिक्रमण नहीं कहा जा सकता। होटल व्यवसाय पर्यटन के स्टेक होल्डर्स हैं और इन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

इस प्रकार, प्रेस वार्ता में यह स्पष्ट किया गया कि सरिस्का में होटल-रिसॉर्ट हटने की बातें निराधार हैं और इससे संबंधित भ्रामक खबरों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। पर्यटकों और व्यवसायियों को घबराने की जरूरत नहीं है और उन्हें सरिस्का में सुरक्षित और सुविधाजनक ठहराव का अनुभव प्राप्त होता रहेगा।

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