मुझे मुक्ति दिल दो
क्या मेरी पुकार सुनाई नहीं देती? क्या आत्माओं को शांति का हक़ नहीं? क्या कब्रों और चिताओं के बीच कचरे की परत ही मेरी पहचान बनकर रह जाएगी?”
By उजला दर्पण
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मैं मुक्तिधाम हूं, मुझे भी गंदगी से मुक्त कर दो – रानीताल मुक्तिधाम से उठती दर्दनाक पुकार, कब्रों और चिताओं के बीच पसरा कचरा ...








