( उजला दर्पण रामगोपाल सिंह सीनियर रिपोर्टर मध्य प्रदेश )
जबलपुर केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित हितग्राही मूलक योजनाएं किस तरह सुदूर ग्रामीण अंचलों में निवासरत ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं, इसका जीता-जागता उदाहरण जिला डिंडौरी के विकासखंड बजाग के रहने वाले श्री अजीत साहू है। जिन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना का लाभ लेकर एक सफल उद्यमी बने हैं और अपनी आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ किया है।
ग्राम बजाग निवासी श्री अजीत साहू पूर्व में पारंपरिक कृषि कार्य और ईंट भट्टे के माध्यम से अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। कड़ी मेहनत के बावजूद, ईंट निर्माण और खेती में लागत अधिक आती थी और मुनाफा सीमित था। श्री अजीत साहू बताते हैं कि पहले उन्हें लगभग 3 लाख रुपये तक की ही आय हो पाती थी, जिससे परिवार की जरूरतों को पूरा करना संघर्षपूर्ण था।
अजीत के जीवन में बदलाव तब आया जब उनकी मुलाकात उद्यानिकी विभाग, बजाग के अधिकारी श्री फूल सिंह मरावी से हुई। श्री मरावी ने उन्हें शासन द्वारा संचालित ‘प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना’ की विस्तृत जानकारी दी और राइस मिल लगाने के लिए प्रेरित किया। अधिकारी के मार्गदर्शन में अजीत ने जिला कार्यालय में संपर्क किया और अपना प्रकरण तैयार करवाया।
श्री अजीत साहू को ‘प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना’ अंतर्गत बैंक से 12.87 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। शासन की ओर से उन्हें इस उद्यम के लिए 35 प्रतिशत का अनुदान प्राप्त हुआ। साथ ही, उन्हें ब्याज पर 3 प्रतिशत का अनुदान भी उद्यानिकी विभाग से मिला। इस राशि से उन्होंने ‘माँ अन्नपूर्णा राइस मिल’ की स्थापना की।
अजीत साहू बताते हैं कि राइस मिल शुरू करने के बाद उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सारे खर्च काटने के बाद अब उन्हें लगभग 5,00,000/- (पांच लाख) रुपये की शुद्ध वार्षिक आय प्राप्त हो रही है। आज वे आर्थिक रूप से सशक्त हैं और अपने परिवार का जीवन स्तर बेहतर कर पाए हैं।
अपनी सफलता से उत्साहित होकर श्री अजीत साहू अब क्षेत्र के अन्य कृषकों और युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना को उद्यानिकी विभाग की एक बेहतरीन पहल बताते हुए अन्य कृषक बंधुओं से अपील की है कि वे भी इस योजना का लाभ उठाएं और अधिक से अधिक लाभ अर्जित कर अपने जीवन को खुशहाल बनाएं।










