जयपुर, 30 दिसम्बर। राजस्थान पुलिस की कार्यशैली में अनुशासन, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण को सर्वोपरि बताते हुए राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि अपराधियों के प्रति सख़्त रवैया और आम नागरिकों के प्रति संवेदनशील व्यवहार ही राजस्थान पुलिस की स्थायी पहचान बननी चाहिए। डीजीपी मंगलवार को जयपुर ग्रामीण पुलिस लाइन में आयोजित संपर्क सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ पुलिस बल बनाने के लिए हर पुलिसकर्मी का समर्पण, ईमानदारी और आत्म-अनुशासन अत्यंत आवश्यक है। डीजीपी ने कहा कि कानून व्यवस्था केवल सख़्ती से नहीं, बल्कि भरोसे और संवाद से भी मज़बूत होती है।

कार्यस्थल की स्वच्छता और गरिमा पर विशेष जोर
अपने संबोधन में डीजीपी शर्मा ने पुलिस थानों और कार्यालयों की भौतिक स्थिति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल को अपने घर की तरह साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखना प्रत्येक पुलिसकर्मी की जिम्मेदारी है। स्वच्छता को किसी एक दिन का अभियान न मानते हुए इसे दैनिक आदत बनाने का आह्वान किया गया। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि स्वच्छ और अनुशासित वातावरण न केवल कार्यक्षमता बढ़ाता है, बल्कि जनता के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि भी बनाता है।
मानसिक स्वास्थ्य और आपसी संवाद को बताया प्राथमिकता
पुलिस सेवा में तनाव को एक बड़ी चुनौती बताते हुए डीजीपी ने जवानों से आपसी संवेदनशीलता और संवाद बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि कोई सहकर्मी मानसिक दबाव या तनाव में दिखाई दे, तो उससे खुलकर बातचीत करें और उसे अकेला न छोड़ें। डीजीपी ने भरोसा दिलाया कि व्यक्तिगत या प्रोफेशनल किसी भी समस्या के समाधान के लिए उनके द्वार सदैव खुले हैं और पुलिसकर्मियों को अपनी बात रखने में संकोच नहीं करना चाहिए।
पुलिस परिवार के बुजुर्गों की समस्याओं की भी सुनवाई
संपर्क सभा के दौरान डीजीपी ने पुलिसकर्मियों के साथ-साथ उनके बुजुर्ग माता-पिता की समस्याओं को भी गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुलिस परिवार के वरिष्ठ सदस्यों की चिकित्सा, पेंशन और अन्य आवश्यक समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। इसके बाद डीजीपी ने पुलिस लाइन में नवनिर्मित कैफे का निरीक्षण कर जवानों के लिए बेहतर खान-पान और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने की सराहना की।
कल्याणकारी योजनाओं पर रेंज आईजी का फोकस
जयपुर रेंज के आईजी राघवेंद्र सुहास ने पुलिसकर्मियों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक सोमवार को पहले आधे समय में पुलिसकर्मियों की जनसुनवाई की व्यवस्था की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। पिछले पांच सप्ताह में प्राप्त 120 शिकायतों में से लगभग 85 प्रतिशत का समाधान किया जा चुका है। उन्होंने एसबीआई के सहयोग से पुलिसकर्मियों को मिलने वाले विशेष लाभ, बच्चों के प्रवेश और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए जिलेवार अधिकारियों को जवाबदेह बनाए जाने की जानकारी भी दी।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर एस. सेंगाथिर, शांतनु सिंह, देवेंद्र विश्नोई, एसपी जयपुर ग्रामीण राशि डोगरा डूडी, एसपी अलवर सुधीर चौधरी, एसपी भिवाड़ी प्रशांत किरण, एसपी दौसा सागर, एसपी सीकर प्रवीण नायक नुनावत, एसपी खैरथल मनीष कुमार, एसपी कोटपूतली-बहरोड़ देवेंद्र विश्नोई एवं एसपी झुंझुनूं ब्रजेश ज्योति उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पुलिस उप अधीक्षक, निरीक्षक और जवान उपस्थित रहे।










