गहलोत ने अस्पतालों, सीएचसी, मेडिकल यूनिवर्सिटी, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और एलिवेटेड रोड जैसे प्रोजेक्ट्स ठप्प होने पर जताई कड़ी नाराज़गी; कहा—“करोड़ों रुपए बर्बाद हो रहे, जनता को नहीं मिल रहा लाभ”
जोधपुर | राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर दौरे के दौरान मौजूदा राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू किए गए जनहित प्रोजेक्ट्स को रोकना “आपराधिक लापरवाही” है, जिससे जनता सीधा नुकसान झेल रही है। सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता के दौरान गहलोत ने जिला अस्पताल, लाइब्रेरी, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, महामंदिर सीएचसी, मेडिकल यूनिवर्सिटी और कई बड़े विकास कार्यों को ठप्प किए जाने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
गहलोत ने कहा कि मंडोर, डिगाड़ी, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड, प्रताप नगर और नव चौकिया में उनके कार्यकाल में बनाए गए अस्पताल आज बंद पड़े हैं। उन्होंने दावा किया कि जिन अस्पतालों में 12 डॉक्टर होने चाहिए थे, वहाँ केवल 2 डॉक्टर तैनात हैं। गहलोत ने कहा, “काम पूरे हो चुके हैं, उद्घाटन नहीं हो रहा, न ही सेवाएं शुरू हो रही हैं। करोड़ों-अरबों रुपए खर्च करने के बाद इन प्रोजेक्ट्स को ऐसे ही बर्बाद किया जा रहा है।”
अपने वार्ड की सीएचसी ठप्प होने पर तीखी प्रतिक्रिया
गहलोत ने कहा कि महामंदिर क्षेत्र में उनके खुद के वार्ड में बनाई गई सीएचसी का काम पूरी तरह रुक गया है। उन्होंने बताया, “मैं खुद निरीक्षण पर गया। निर्माण रुका हुआ है, उपकरण नहीं आए, स्टाफ की कोई व्यवस्था नहीं। जनता परेशान है।”
एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट पर भी सरकार को घेरा
गहलोत ने बताया कि महामंदिर से अखलिया चौराहे तक एलिवेटेड रोड का प्रोजेक्ट उन्होंने 2019–20 में घोषित किया था। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसे राष्ट्रीय राजमार्ग योजना में शामिल करने के लिए डीपीआर स्वीकृत की थी। टेंडर भी हो चुके हैं, लेकिन काम अब तक शुरू नहीं हुआ। उन्होंने कहा, “परीयोजना और डिले हुई तो लागत कई गुना बढ़ जाएगी। यह घोर लापरवाही है।”
कोटा का रिवर फ्रंट गुजरात मॉडल की ‘धज्जियाँ उड़ा सकता है’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कोटा रिवर फ्रंट देश में सबसे बेहतरीन शहरी विकास मॉडल है। उन्होंने कहा, “मोदी जी ने गुजरात के रिवरफ्रंट को मॉडल बताया, लेकिन कोटा का रिवर फ्रंट उससे कई गुना बेहतर है। यह गुजरात मॉडल की धज्जियाँ उड़ा सकता है।”
जयपुर के प्रमुख संस्थानों के उपयोग पर भी सवाल
गहलोत ने कहा कि जयपुर में कंस्टीट्यूशन क्लब, महात्मा गांधी गवर्नेंस एंड सोशल साइंस मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट और गांधी म्यूज़ियम का उचित उपयोग नहीं हो रहा है। उन्होंने इसे भी जनता के साथ अन्याय बताया।
एसआई भर्ती पर टिप्पणी से परहेज
एसआई भर्ती विवाद पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि मामला अदालत में है, इसलिए अभी कुछ कहना उचित नहीं होगा।










