नगर निगम ग्रेटर ने 1 जुलाई 2022 से सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध के बाद सख्त कदम उठाए हैं। अब तक, ग्रेटर की टास्क फोर्स ने 2,500 से अधिक निरीक्षण किए हैं और 1,908 किलोग्राम से अधिक प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक को जब्त किया है। इस दौरान दोषियों से 20 लाख 46 हजार रुपये से अधिक जुर्माना वसूला गया है।
## टास्क फोर्स का गठन
नगर निगम ग्रेटर आयुक्त श्रीमती रूकमणि रियाड़ ने बताया कि भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु मंत्रालय द्वारा 1 जुलाई 2022 से सिंगल यूज प्लास्टिक की वस्तुओं के विनिर्माण, आयात, भण्डारण, वितरण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस आदेश का पालन करने के लिए नगर निगम ग्रेटर जयपुर ने अपने सात जोनों में टास्क फोर्स का गठन किया है। प्रत्येक जोन में जोन उपायुक्त, राजस्व अधिकारी, मुख्य सफाई निरीक्षक, वार्ड सफाई निरीक्षक, और कांस्टेबल की टीम शामिल है।
## निरीक्षण और जुर्माना
टास्क फोर्स द्वारा नियमित रूप से सब्जी मंडी, फल मंडी, रेस्टोरेंट, होटल आदि स्थानों पर निरीक्षण किए जा रहे हैं। इन निरीक्षणों के दौरान, अब तक 2,500 से अधिक चालान काटे गए हैं और 20 लाख 46 हजार रुपये से अधिक जुर्माना वसूला गया है।
## जन जागरूकता अभियान
श्रीमती रूकमणि रियाड़ ने यह भी बताया कि नगर निगम ग्रेटर द्वारा मैरिज गार्डन संचालकों, व्यापारिक मंडल, स्कूल संचालक, स्ट्रीट वेंडर, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा संचालकों और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ जन जागरूकता के लिए कार्यशालाएं आयोजित की गई हैं। इन कार्यशालाओं में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करने के लिए समझाइश दी गई।
## प्रतिबंधित वस्तुएं
भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु मंत्रालय द्वारा प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक की सूची में शामिल हैं:
– प्लास्टिक युक्त ईयर बड्स
– गुब्बारों के लिए प्लास्टिक की डंडियाँ
– प्लास्टिक के झंडे
– कैंडी स्टिक
– आइसक्रीम की डंडियाँ
– पॉलीस्टाइरीन की सजावटी सामग्री
– मिठाई के डिब्बों के इर्द-गिर्द लपेटने या पैक करने वाली फिल्में
– 100 माइक्रोन से कम मोटाई वाले पीवीसी बैनर
नगर निगम ग्रेटर जयपुर की यह सख्त कार्यवाही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इसका उद्देश्य जयपुर को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करना है।










