जयपुर, 4 दिसंबर। राजस्थान की चर्चित उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा–2021 पेपर लीक प्रकरण में एसओजी ने एक और अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने परीक्षा से ठीक पहले लीक हुआ सॉल्व्ड पेपर पढ़कर असामान्य रूप से उच्च अंक हासिल किए थे। इस गिरफ्तारी के साथ इस मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या बढ़कर 133 हो गई है।
₹8 लाख में खरीदे थे दोनों पारियों के हल पेपर
एडीजी एसओजी विशाल बंसल के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी महेन्द्र कुमार चौधरी (34), निवासी नाडा की ढाणी, सामोद (जयपुर ग्रामीण), की संलिप्तता अनुसंधान के दौरान सामने आई। जांच से स्पष्ट हुआ कि महेन्द्र ने मुख्य सरगना विनोद कुमार जाट उर्फ विनोद रेबाड़ से ₹8 लाख का सौदा किया था। इसके बाद 14 सितंबर 2021 को परीक्षा से पूर्व उसने दोनों पारियों के हल किए गए पेपर पढ़े थे।
संदेह बढ़ाने वाले अंक—GK में 200 में से 158, हिंदी में 137
जांच एजेंसी के अनुसार, लीक पेपर पढ़ने के कारण महेन्द्र ने लिखित परीक्षा में असामान्य अंक प्राप्त किए।
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हिंदी: 200 में से 137.21
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सामान्य ज्ञान: 200 में से 158.59
इन अंकों ने उसकी भूमिका पर संदेह और गहरा कर दिया। हालांकि संयुक्त मेरिट में 474वीं रैंक आने के बावजूद वह ओबीसी वर्ग में अंतिम चयन सूची में नहीं आ पाया था।
अन्य भर्ती परीक्षाओं में भी सक्रिय था आरोपी
प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि महेन्द्र केवल एसआई भर्ती तक सीमित नहीं था। वह विनोद जाट के साथ मिलकर अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक प्रकरणों में भी सक्रिय भूमिका निभा चुका है। एसओजी अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि कौन-कौन सी भर्तियाँ इस नेटवर्क से प्रभावित हुईं और कितने अभ्यर्थियों ने इसका लाभ उठाया।
08 दिसंबर तक पुलिस रिमांड, नेटवर्क की परतें खुलने की उम्मीद
एसओजी ने आरोपी को 2 दिसंबर को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। न्यायालय ने उसे 8 दिसंबर तक पुलिस अभिरक्षा में भेजा है ताकि नेटवर्क की वित्तीय प्रवाह, बिचौलियों की भूमिका और संभावित अन्य अभ्यर्थियों की पहचान की जा सके।
राजस्थान की सबसे बड़ी भर्ती पेपर लीक कार्रवाई में से एक
एसआई भर्ती–2021 पेपर लीक प्रकरण पिछले कई वर्षों में राजस्थान की सबसे बड़ी संगठित परीक्षा धोखाधड़ी घटनाओं में गिना जा रहा है। अब तक 133 गिरफ्तारियाँ होने के बाद भी एसओजी का मानना है कि नेटवर्क की और भी परतें खुलनी बाकी हैं।
एडीजी विशाल बंसल ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना एसओजी की प्राथमिकता है।












