विद्यालयों की बदहाल स्थिति, रिक्त पदों, ड्रॉपआउट रेट और SIR प्रक्रिया पर जताई कड़ी चिंता
जयपुर/बाड़मेर/शिव। शिव विधानसभा क्षेत्र के विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने बुधवार को राजस्थान विधानसभा की प्रश्न एवं संदर्भ समिति के समक्ष शिक्षा विभाग से जुड़े कई गंभीर और उपेक्षित मुद्दों को मजबूती से उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था कई स्तरों पर संकट से गुजर रही है, जिससे विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
SIR प्रक्रिया में BLO और शिक्षकों पर बढ़ते दबाव को बताया चिंताजनक
भाटी ने कहा कि SIR प्रक्रिया के चलते शिक्षकों और BLO पर अत्यधिक बोझ बढ़ गया है। इसकी वजह से आत्महत्या जैसी दुखद घटनाएँ सामने आ रही हैं, जिससे पूरे तंत्र पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगते हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षाएँ निकट हैं, लेकिन पूरा विभाग SIR में उलझा हुआ है, जिससे शिक्षण कार्य बाधित हो रहा है। उन्होंने SIR प्रक्रिया में तत्काल सुधार और शिक्षण कार्य को प्राथमिकता देने की मांग रखी।
विद्यालयों की संख्या में कमी और बढ़ते ड्रॉपआउट रेट पर चिंता
विधायक भाटी ने बताया कि प्रदेश में सरकारी विद्यालयों की संख्या घट रही है और नामांकन लगातार कम हो रहा है। राज्य का 30% बजट बालिका शिक्षा पर होने के बावजूद स्थिति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने कहा कि बढ़ते ड्रॉपआउट रेट को रोकना सरकार की प्राथमिकताओं में होना चाहिए।
रिक्त पदों को भरने और नए पद सृजित करने की मांग
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में शैक्षणिक व अशैक्षणिक पदों की भारी कमी है। शिव क्षेत्र में ही 1583 पद रिक्त हैं, जिन्हें तुरंत भरा जाना आवश्यक है। कई स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं, जिससे शिक्षण स्तर गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है।
शिक्षा ढांचे से जुड़े आंकड़े समिति के समक्ष प्रस्तुत
भाटी ने अपने सर्वेक्षण के आधार पर निम्न प्रमुख कमियाँ रखीं—
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1583 पद रिक्त
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174 विद्यालय बिना चारदीवारी
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258 विद्यालयों में अपर्याप्त भवन
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385 विद्यालय जर्जर, असुरक्षित भवनों में संचालित
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71 विद्यालय एकल शिक्षक आधारित और कई बिना शिक्षक के
बालिका सुरक्षा, खेल सुविधाएँ और आधारभूत जरूरतों पर जोर
विधायक भाटी ने कहा कि बालिकाओं के लिए पृथक शौचालय और महिला शिक्षकों की नियुक्ति अनिवार्य है। उन्होंने हरसानी में प्रस्तावित हैंडबॉल अकादमी को शीघ्र शुरू करने की आवश्यकता भी बताई।
कुक-कम-हेल्पर के मानदेय बढ़ाने की मांग
भाटी ने कहा कि कुक-कम-हेल्पर अत्यंत कम मानदेय पर कार्य करते हैं और आर्थिक संकट झेलते हैं। उन्होंने आगामी बजट में इनके मानदेय में उचित बढ़ोतरी की वकालत की।
375 करोड़ के बजट उपयोग का ब्यौरा मांगा
उन्होंने वर्ष 2025–26 में विद्यालयों की मरम्मत, चारदीवारी और शौचालय निर्माण के लिए स्वीकृत 375 करोड़ रुपये के उपयोग का विवरण देने की मांग की।
96 विद्यालयों को बिजली कनेक्शन देने की मांग
शिव क्षेत्र के 96 विद्यालय अभी भी बिजली सुविधा से वंचित हैं। भाटी ने इन्हें मौजूदा सत्र में ही विद्युत आपूर्ति से जोड़ने का आग्रह किया।
जल जीवन मिशन के तहत सभी स्कूलों को जल कनेक्शन की जरूरत
उन्होंने जल कनेक्शन से वंचित विद्यालयों को प्राथमिकता पर जल जीवन मिशन से जोड़ने का अनुरोध किया। विभाग ने सभी स्कूलों को पाइपलाइन से जोड़ने का आश्वासन दिया।
निजी विद्यालय में छात्रा की आत्महत्या पर कड़ी कार्रवाई की मांग
जयपुर के एक निजी स्कूल में छात्रा की आत्महत्या के मामले पर भाटी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग रखी।
विधायक भाटी ने कहा,
“शिक्षा व्यवस्था हमारी भविष्य निर्माण की नींव है। विद्यालय, शिक्षक और विद्यार्थी किसी भी समस्या से जूझते हैं तो इसका असर पूरे समाज पर पड़ता है। इन मुद्दों का समाधान होने तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।”










